जिलेे का करनैलगंज कस्बा डेंगू का डैंजर जोन बनता जा रहा है। मंगलवार को डेंगू के 20 मरीज और चिह्नित हुए। अब तक डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। इसमें दो की मौत हो चुकी है। चिह्नित 20 मरीजों में 12 को लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। करनैलगंज कस्बे में फैली इस बीमारी को रोकने में स्वास्थ्य महकमा नाकाम साबित हो रहा है।
गुरुद्वारा के निकट निवासी सतपाल सिंह डेंगू से पीड़ित थे। अब उनकी पत्नी जसविंदर कौर डेंगू से पीड़ित हो गई हैं। साथ ही अमरदीप सिंह की मां नंरिदर कौर, मोहल्ला बालूगंज निवासी अमृतपाल सिंह, परमजीत सिंह का पुत्र मन्नत सिंह, मोहल्ला गुड़ाही बाजार निवासी ताहिर की पत्नी शैदा खातून व बेटी बुसरा बेगम एवं प्रभात कुमार सोनी का इलाज लखनऊ स्थित फातिमा अस्पताल में चल रहा है।
वहीं, रमन सोनी गुड़ाही बाजार तथा गांधीनगर निवासी शिवम खेतान, लक्ष्मी नारायन, किरन खेतान एवं शिवम का पुत्र तनुज तथा सौरभ रस्तोगी, शिवम सोनी, निरंकार, किशन कुमार, मंगलचंद, रंजन रस्तोगी एवं अभय प्रताप सिंह डेंगू से पीड़ित हैं।
इनका इलाज भी लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है। डेंगू से पीड़ितों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। वहीं स्वास्थ्य महकमा डेंगू से बचाव व रोकथाम का प्रयास करने की बजाय डेंगू के मरीजों को खोज रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी समाचार पत्रों में प्रकाशित नामों के आधार पर मरीजों का पता लगाते हैं एवं उस मोहल्ले के अन्य बुखार से पीड़ितों की जांच व स्लाइड बनाकर दायित्व निभा रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आफताब आलम बताते हैं कि लगातार मरीजों की तलाश एवं बुखार से पीड़ित लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है, जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ नाम प्रकाश में आए हैं जो डेंगू से पीड़ित हैं और लखनऊ में इलाज करा रहे हैं।
दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है। एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि सीएमओ एवं नगर पालिका को नगर में दवाओं के छिड़काव के साथ ही गंदगी वाले स्थानों को चिन्हित करके सफाई कराने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य टीम को हमेशा अलर्ट रहने के निर्देश दिए गये हैं।