मतदाता सूची में नाम बढ़ाने की होड़ में लगे बीएलओ, प्रधानों व पूर्व प्रधानों को पता ही नहीं चला कि उनके गांव की जनसंख्या से अधिक वोटरों की संख्या हो गई। आगामी पंचायत चुनाव के लिए अभी से गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। बीएलओ से वोटर बढ़वाने के लिए साम, दाम, दंड व भेद की नीति भी अपनाई जा रही है।
अपने वोटर बढ़ाने के चक्कर में भूल गए कि जनसंख्या के अनुपात में कितने वोटर होने चाहिए। सोमवार को ब्लॉक बभनजोत की ग्राम पंचायत कोल्हई गरीब में गई बीडीओ, डीआईओएस व एडीओ पंचायत की टीम ने वोटर लिस्ट के वेरीफिकेशन में यह खुलासा किया।
इस पर बभनजोत के सभी बीएलओ को मंगलवार को तलब किया गया है। मालूम हो कि पंचवर्षीय कार्यकाल पूरा होते देख शासन पंचायत चुनाव के मददेनजर वोटर लिस्टों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं। नए पंच वर्षीय चुनाव के गठन के लिए मतदाता सूचियों में नए मतदाताओं के नाम बढ़ाए जा रहे हैं।
इस कार्य में बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। इनके कार्यों के सत्यापन के लिए सोमवार को बीडीओ ओम प्रकाश मिश्र, डीआईओएस बीके द्विवेदी व एडीओ पंचायत अवध नरेश द्विवेदी की टीम ने ब्लॉक बभनजोत की ग्राम पंचायत कोल्हई गरीब को गई थी। वोटर लिस्ट के वेरीफिकेशन में तमाम गड़बड़ी पकड़ीं।
जांच में पता चला कि कोल्हई गरीब ग्राम पंचायत की कुल जनसंख्या 3668 है। वहां पर मतदाताओं की संख्या 3883 है। यानि 100 की जनसंख्या पर 104 वोटर हैं। इसी प्रकार विकास खंड बभनजोत की 31 ग्राम पंचायतों में कहीं जनसंख्या से अधिक तो कहीं जनसंख्या का 98 प्रतिशत मतदाता हैं।
जबर्दस्त गड़बड़ी पर अधिकारियों के भी होश फाख्ता हो गए हैं। आनन-फानन में मंगलवार को बभनजोत के सभी बीएलओ को तलब किया गया है। वैसे तो जांच में केवल बभनजोत ब्लाक में ही 31 ग्राम पंचायतें सामने आयी हैं जिसमें जनसंख्या के एवज में 70 प्रतिशत से अधिक मतदाता बन गए हैं।
पिकौरा ग्राम पंचायत की आबादी 1194 है। जबकि यहां 1176 वोटर बना दिए गए। बढ़वा ग्राम पंचायत में जनसंख्या 2627 के सापेक्ष वोटर 2537 हैं, जो 98 प्रतिशत है। इसी तरह महुआ पाकड़ की जनसंख्या 2644 है। जबकि मतदाता 2367 है। इस्मइला में 2897 आबादी है और मतदाता 2493 हैं। इसी तरह अन्य ग्राम पंचायतों में बीएलओ द्वारा भारी पैमाने पर अनियमितता बरती गई है।
नियम है कि किसी भी ग्राम पंचायत में जनसंख्या का 70 प्रतिशत से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। नामावली संशोधन एवं परिवर्धन का कार्य मौजूदा समय चल रहा है। 31 जुलाई तक नाम बढ़ाने व संशोधन का कार्य चलना है।
कोल्हई गरीब ग्राम पंचायत में तीन बूथ लेविल अफसर लगाए गए थे। इसमें राम लखन, गौरी शंकर व मुशीर अह्मद तीनों बीएलओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। खंड विकास अधिकारी ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को सभी बूथ लेवल अधिकारियों को तलब किया गया है। सभी को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।