गोंडा। हम दृष्टिबाधित हैं तो क्या हुआ, प्रतिभा में किसी से कम नहीं है। इसी लिए सामान्य विद्यार्थियों की तरह बृहस्पतिवार से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षा में अपनी मेघा का प्रदर्शन कर अच्छे नंबरों से परीक्षा पास कर माता पिता के सपने को साकार करेंगे। बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले बुधवार को परीक्षा देने वाले चारों दृष्टिबाधित बच्चों ने प्रश्नपत्र हल करने के लिए डीआईओएस से लेखक की अनुमति भी प्राप्त कर ली है।
दृष्टिबाधित छात्रा खुशबू ने बताया कि वह बेलसर के शीतला प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहीं हैं। बृहस्पतिवार को होने वाली बोर्ड परीक्षा देने के लिए पूरी तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा अभियान के समावेशित शिक्षा के तहत कार्यरत स्पेशल एजुकेटर मनीष कुमार ने डीआईओएस से लेखक बनने की अनुमति ली है। इसी तरह से तुलसी स्मारक इंटर कॉलेज परसपुर के दृष्टिबाधित छात्र पिंटू और राजकीय हाईस्कूल बस्ती के छात्र शिवमोहन गिरी भी स्पेशल एजुकेटर आलोक श्रीवास्तव के सहयोग से लेखक मांगा है।
स्पेशल एजुकेटर मनीष कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों ने बोर्ड की अच्छी तैयारी की है। इसके लिए उन्हें लेखक की अनुमति भी मिल चुकी है। बताया कि जिले में ब्रेल लिपी में पढ़ाई व परीक्षा का समुचित इंतजाम न होने के कारण ही चारों दृष्टिबाधित बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह ही परीक्षा में शामिल होंगे। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि दृष्टिबाधित बच्चे बोर्ड में निचले कक्षा के बच्चों से बतौर राइटर मदद ले सकते हैं। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवेदन के बाद चारों बच्चों को लेखक के साथ परीक्षा देने की अनुमति भी दे दी गई है।