गोंडा। मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है। फरवरी से अब तक बीच कभी बारिश हुई तो कभी गर्मी और कभी तापमान में तेजी से गिरावट आने से मौसम ठंडा होता रहा है। सर्द-गर्म चलने से मौसम में आए दिन होने वाले बदलाव से वायरल का संक्रमण बढ़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी,-जुकाम के साथ वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार कुछ दिन पहले तक वायरल बुखार के केस आ रहे थे, लेकिन अब बुखार के साथ दस्त के भी केस आने शुरू हो गए हैं। निजी अस्पतालों में वायरल बुखार और डायरिया से पीड़ित बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 223 बच्चों का उपचार हुआ। जिसमें 100 से अधिक वायरल बुखार व डायरिया के मरीज रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम का कहना है कि बदलते मौसम में वायरल का संक्रमण होता है। ऐसे मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।
तीन से पांच दिन तक रहता है असर
चिकित्सकों के अनुसार वायरल का संक्रमण होने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वायरल का प्रकोप तीन से पांच दिन तक रहता है। अगर व्यक्तिगत रूप से स्वच्छता के साथ खानपान में सावधानी बरती जाए तो यह स्वत: ठीक भी हो जाता है। मरीज को समय रहते चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। वायरल बुखार के लक्षणाें में गले में दर्द, खांसी, सिर दर्द के साथ थकान, जोड़ों में दर्द उल्टी और दस्त होना आदि शामिल हैं।