देर रात बिना सूचना दिये घर में घुसकर पुलिस द्वारा प्रधान पति की गिरफ्तारी किये जाने से नाराज महिला प्रधान तथा ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। लोगों ने रविवार सुबह बलरामपुर-गोंडा मार्ग पर जमकर प्रदर्शन किया तथा दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की।
रविवार सुबह बलरामपुर-गोंडा मार्ग पर बहादुरपुर ग्राम पंचायत की प्रधान सरिता ने ग्रामीणों के साथ चक्का जामकर दिया।
सरिता का कहना था कि शनिवार रात करीब एक बजे कुछ लोग घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए और मेरे पति अमरेश प्रजापति को मारने-पीटने लगे व जबरन साथ लिवा ले गए।
सरिता का यह भी आरोप है कि घर की महिलाओं के साथ अभद्रता भी की गई। सरिता ने बताया कि देहात थाने पर फोन किया तो पता चला कि घर में घुसे लोग खरगूपुर थाने के पुलिस कर्मी थे तथा अमरेश को गिरफ्तार करने आए थे।
सरिता ने मांग की है कि उनके पति की बिना सूचना दिए की गई गिरफ्तारी अवैधानिक है। सरिता ने देहात थाने में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच व कार्रवाई किये जाने की भी मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए तथा चक्का जाम खत्म किया।
इस संबंध में एसपी गोंडा प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि अमरेश 23 जून को खरगूपुर सर्राफा व्यवसायी से हुई चार लाख की जेवर लूट में वांछित था, उसकी दबिश देकर गिरफ्तारी की गई है।
प्रधान तथा ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। अमरेश के खिलाफ अन्य थानों में भी करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।