सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते दर की दुकान का चयन खुली बैठक में प्रस्ताव तैयार कराये बिना कुछ लोगों की ओर से गुपचुप तरीके से प्रस्ताव तैयार कराए जाने पर कार्डधारकों ने नाराजगी जताई है। गुस्साए ग्रामीणों ने गुपचुप तरीके से तैयार किए गए प्रस्ताव को निरस्त कराकर खुली बैठक में प्रस्ताव कराने की मांग को लेकर शनिवार को सदर तहसील में एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पूरे उदई की उचित दर की दुकान पिछले दो साल से रिक्त चल रही है। इस गांव की उचित दर की दुकान दूसरे गांव से अटैच किये जाने से ग्रामीणों को अनाज नहीं मिल पा रहा है। गांव के राशन कार्डधारक राजमणि, इंद्र कुमार यादव, रमा शंकर, गंगाराम, विक्रमवीर व आकाश आदि ने गांव के उचित दर दुकानदार के चयन के लिए खुली बैठक कर प्रस्ताव न तैयार किये जाने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के नाम से फर्जी तरीके से केवल एक ही व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव कर दिया गया है। इस बात की ग्राम पंचायत में किसी को जानकारी भी नहीं दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि खुली बैठक की गांव के लोगों को जानकारी देकर करनी चाहिए, साथ ही प्रस्ताव तैयार करने की वीडियोग्रॉफी करायी जानी चाहिए।
ग्रामीणों से एसडीएम से प्रस्ताव निरस्त करवा कर नियमानुसार ग्राम पंचायत की खुली बैठक कराके दुकान चयन के लिए लोगों से आवेदन लेकर उनका प्रस्ताव कराने और मतदान से दुकान चयन कराने की मांग की है।
वहीं, इस बाबत क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। इस बाबत ग्रामीणों ने तहसीलदार सदर राम नारायन वर्मा से मिलकर जांच की मांग की। इस पर तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि प्रकरण की जांच कर उचित तरीके से कार्रवाई की जाएगी।