गोरखपुर से शनिवार की सुबह गोंडा पहुंची रेलवे की तीन सदस्यीय विजिलेंस टीम ने रेलवे स्टेशन पर स्थित पार्सल दफ्तर में अचानक छापेमारी की। विजिलेंस टीम की इस छापेमारी से पार्सल दफ्तर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। लेकिन इस बाबत पूछे जाने पर न तो रेलवे के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार हुए और न ही विजिलेंस के लोगों ने अपना मुंह खोला। लेकिन बताया जाता है कि छापेमारी एक व्यापारी के बुक कराए गए सुपारी के उस स्टाक को लेकर हुई थी, जिसके मार्फत सुपारी के साथ-साथ बिना बुकिंग कराए जर्दा (तंबाकू) भी भेजा जा रहा था।
शहर के महराजगंज मोहल्ले के एक व्यापारी ने 18 बोरी सुपारी की बुकिंग शुक्रवार की रात पार्सल दफ्तर से अहमदाबाद ले जाने के लिए कराई थी। जिसकी जांच के लिए शनिवार की सुबह गोरखपुर से आई तीन सदस्यीय विजिलेंस की टीम जब पार्सल दफ्तर पहुंची और छापेमारी की तो सुपारी के 18 बोरों में प्रत्येक के भीतर 2-2 पैकेट सुपारी और 2-2 पैकेट जर्दा यानि तंबाकू के मिले। जबकि पार्सल दफ्तर में बुकिंग केवल सुपारी की ही कराई गई थी।
सुपारी की बुकिंग पर जर्दा साथ ले जाने का यह खेल काफी दिनों से जिले में चल रहा था, जिसकी पुख्ता सूचना पर शनिवार को विजिलेंस टीम यहां पहुंची और छापेमारी की। जिसमें उसको सुपारी के साथ-साथ चोरी-छिपे जर्दा ले जाने के पुख्ता प्रमाण मिले। गोरखपुर से आई इस सतर्कता टीम में मुख्य सतर्कता निरीक्षक मुकेश के साथ शेखर व रणंजय तीन लोग शामिल रहे।
लेकिन पूछे जाने पर तीनों में से किसी ने कुछ नहीं कहा। वहीं इस बाबत पार्सल दफ्तर के भी किसी अधिकारी ने अपना बयान नहीं दिया है। जबकि सूत्रों की मानें तो पूरे प्रकरण में पार्सलकर्मियों की भी संलिप्तता उजागर हो रही है।