नौकरी पाने की उम्मीद में सऊदी अरब गया बलरामपुर का वीर बहादुर सिंह वहां चार महीने से फंसा है। उतरौला निवासी वीर बहादुर को उसके गांव के ही ताहिर खां ने नौकरी का झांसा देकर 90 हजार रुपये लेकर विदेश भेजा था। मगर वहां उसे नौकरी तो मिली नहीं, साथ ही पासपोर्ट भी छीन लिया गया। यहां पीड़ित की मां ने पुलिस अफसरों से गुहार लगाई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले में कोर्ट की शरण लेने पर आरोपी ताहिर खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
जेएम कोर्ट उतरौला में दिये गये प्रार्थनापत्र में नयानगर विशुनपुर कोतवाली उतरौला निवासी नमिता सिंह ने कहा है कि गांव के ही ताहिर खां उनके बेटे वीर बहादुर को विदेश में नौकरी दिलाने के लिए करीब चार माह पूर्व 90 हजार रुपये में वीजा दिलाया था। वीर बहादुर विदेश गया भी चार महीने से वहां उसे कोई काम नहीं मिला है। वहां ताहिर के एक रिश्तेदार ने वीर बहादुर का पासपोर्ट भी ले लिया है। इस वजह से वीर बहादुर चार महीने से सऊदी अरब में फंसा है। नमिता का कहना है कि उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नमिता की पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जेएम ने ताहिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोतवाल राजकुमार यादव ने बताया कि ताहिर के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।