फोटो-2 गोंडा के कोविड अस्पताल में बच्चे को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद
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गोंडा। इंजेक्शन की सुई की चुभन और इसके लगने का डर भी बच्चों को टीका लगवाने से नहीं रोक पाया। 12 से 14 साल की आयुसीमा के बच्चे बुधवार से शुरू हुए कोविड टीकाकरण में पूरे उत्साह के साथ अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। टीका लगवा कर कोविड से बचने का सुरक्षा कवच पाने की उनकी खुशी के आगे सुई की चुभन का दर्द उन्हें तनिक भी विचलित नहीं कर पाया। सुई के मीठे दर्द पर कोरोना से बचने का उत्साह भारी पड़ता दिखा।
कोविड अस्पताल समेत 17 स्थानों पर पहले दिन 12 से 14 साल आयु वर्ग वाले बच्चों ने कोरोना के संक्रमण से बचने को कोर्बेवैक्स वैक्सीन की पहली डोज लगायी गयी। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने सुबह दस बजे कोविड अस्पताल पहुंचकर टीकाकरण सत्र का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीडीओ शशांक त्रिपाठी व सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। यहां टीका लगवाने के लिए अपने माता पिता के साथ पहले से इंतजार कर रहे बच्चों को बारी-बारी से टीका लगाकर कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच प्रदान किया गया।
टीकाकरण कार्य शुरू होने के बाद वैक्सीन लगवाने पहुंचे 13 वर्षीय छात्र शाश्वत पांडेय के चेहरे पर मुस्कान देखकर डीएम ने पूछा क्या सुई से डर नहीं लग रहा है तो शाश्वत ने जबाब दिया सर थोड़ा सा दर्द सहने के बाद कोरोना से भी बचा जा सकेगा। इस छोटे बच्चे का जवाब सुनकर जिलाधिकारी ने दुलार भरी शाबासी देकर उसका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कोविड का टीका लगवाने वाले बाकी बच्चों से भी बातचीत कर उनके जज्बे को सलाम किया।
सोमवार से चलेगा वृहद टीकाकरण अभियान
होली का त्योहार देखते हुए बुधवार को 12 से 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण की औपचारिक तौर पर तो शुरुआत कर दी गई लेकिन इसका वृहद अभियान अब होली के छुट्टी के बाद सोमवार से शुरू होगा। इसके तहत जिले भर में वृहद अभियान चलाकर चिह्नित आयु वर्ग के 1.45 लाख बच्चों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। सीएमओ डॉ. आरएस केसरी ने बताया कि सोमवार से स्कूलों में तथा गांवों में सत्र चलाकर बच्चों को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। स्कूलों के शिक्षकों से भी इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर पूरा सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।
अभिभावकों को भी मिली तसल्ली
जिले में 12 से 14 साल आयुवर्ग वाले बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत होने से बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों को भी राहत व खुशी मिली है। कोरोना संक्रमण के डर के कारण ही अभी तक अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से हिचकते थे। कोरोना संक्रमण के चौथी लहर के फैैलने की आशंका के चलते उनकी यह बेचैनी और बढ़ने लगी थी। अभिभावक सौरभ पांडेय ने बताया कि कोविड से सुरक्षा का टीका लग जाने से अब कोविड को लेकर व्याप्त चिंता काफी हद तक कम हो गयी है। अभिभावक रामजनम तिवारी ने बताया कि उनकी बिटिया हर रोज स्कूल जाती है। अब टीका लग जाने के बाद काफी हद तक उसके स्वास्थ्य को लेकर होने वाली चिंता कम हो सकेगी। मनीष द्विवेदी ने कहा कि बच्चों को टीका लग जाने से उन्हें स्कूल भेजने में डर नहीं लगेगा। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत करने पर सरकार की सराहना भी की।