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ग्रामीण समूहों के हक पर शहरी समूहों की टिकी निगाहें

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गोंडा। ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों से बंटने वाले ड्रेस पर शहरी समूहों से जुड़े लोग सक्रिय हैं। कई ब्लॉकों के 244 स्कूलों में समूहों से ड्रेस के वितरण का आदेश मुख्य विकास अधिकारी ने दिया था। गांवों के समूह तो हाथ बटोरे बैठे रह गए और ब्लॉकों के अधिकारी भी गंभीर नहीं हुए। इससे अभी कई स्कूलों में समूहों से संपर्क न होने पर ड्रेस नहीं बंट सका। इसका फायदा उठाते हुए शहरी समूहों के नाम पर कुछ ठेकेदारों ने ड्रेस बांटने के लिए स्कूलों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शहर के एक समूह ने परसपुर, हलधरमऊ समेत कई ब्लॉकों के स्कूलों से संपर्क किया और ड्रेस बांटने का आदेश देने का दबाव भी बनाना शुरू कर दिया है।
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मुख्य विकास अधिकारी ने गांव स्तर पर गठित समूहों को रोजगार देने के लिए ड्रेस बांटने की सूची जारी की थी। उन्होंने ब्लॉकों पर तैनात सहायक विकास अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पंचायत के अधिकारियों से सहयोग लेकर समूहों को रोजगार उपलब्ध कराएं। इस कार्य को ब्लॉक के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। हाथ पर हाथ रखे बैठे रह गए और समूहों को कार्य नहीं मिल सका।
इसी बीच एक समूह के कुछ लोगों ने स्कूलों में दस्तक दी। उपायुक्त ग्रामीण आजीविका मिशन के यहां से पता किया गया तो जानकारी हुई कि गांव के चिह्नित स्कूलों में उसी गांव के समूह से ड्रेस लिया जाना है। उपायुक्त दफ्तर के एक वरिष्ठ लिपिक ने स्कूलों में संपर्क करने वाले समूह वाले से बात किया तो पता चला कि वह शहर क्षेत्र का समूह है। पता चला कि शहरी क्षेत्र के समूहों का गठन डूडा कराता है और उन्हें शहरी स्कूलों में ही बांटने का अधिकार है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ड्रेस बांटने का दबाव बनाना गलत है।
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इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उधर बाहरी समूहों के लोगों की दस्तक से स्कूलों के शिक्षक भी परेशान हैं उनका कहना है कि गांव के समूह से कोई मिल नहीं रहा है और बाहरी दबाव बना रहे हैं। कहते हैं कि सीडीओ ने भेजा है अब पता किया जा रहा है तो माजरा कुछ और ही निकल रहा है। इसकी जानकारी वे अपने विभाग को भेजेंगे। समूह से वितरण के लिए तय स्कूलों के शिक्षकों की मांग है कि उनके गांव के समूह के अध्यक्ष व सचिव का मोबाइल नंबर व नाम दिया जाए जिससे वे संपर्क कर सकें।
गांव के समूहों से ड्रेस दिलाने की पहल सराहनीय है लेकिन स्कूलों को समूह की सूची दी जाए। जिससे वे ड्रेस क्रय करने का आदेश दे सकें। मौजूदा समय में भ्रम की स्थिति है। -विनय तिवारी, अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
खंड विकास अधिकारी को स्कूलों की सूची दी गई है, उनके स्तर से समूहों की जानकारी स्कूलों को उपलब्ध कराया जाना है। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी कि क्या स्थिति है। -मनिराम सिंह, बीएसए च इनसेट
चयनित स्कूलों में उसी गांव के ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों से ही ड्रेस लेने का आदेश जारी हुआ है। शहरी समूह का कोई व्यक्ति दखल देगा तो कार्रवाई की जाएगी। इसकी जानकारी कराई जाएगी। -रजत यादव, उपायुक्त ग्रामीण आजीविका मिशन
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