गोंडा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया में सोमवार को इलाज में लापरवाही से संर्पदंश पीड़ित अरुण की मौत के 24 घंटे के भीतर ही एक प्रसूता की मौत गई। परिजनों ने इलाज लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएचसी का घेराव किया तथा शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आक्रोश बढ़ता देखकर स्वास्थ्यकर्मी सीएचसी छोड़कर भाग गए। पुलिस के पहुंचने पर परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।
छपिया की ग्राम पंचायत चारू के परसादूला निवासी रामअवध मौर्य की पत्नी राधिका (24) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार शाम सीएचसी पहुंचाया गया। जहां भर्ती कर सामान्य प्रसव का इंतजार किया जाने लगा। मंगलवार अपराह्न दो बजकर 38 मिनट पर सामान्य प्रसव कराया गया, लेकिन रक्तस्राव अधिक होने लगा। प्रसूता की धड़कन भी तेज हो गई। रामअवध का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद भी कोई डॉक्टर देखने नहीं आया और न ही महिला अस्पताल के लिए रेफर किया। शाम चार बजे हालत गंभीर होने पर आनन-फानन महिला अस्पताल के लिए रेफर किया, लेकिन तब तक राधिका की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिसर के सामने ही शव रखकर सीएचसी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का आक्रोश देख डॉक्टर समेत सभी स्वास्थ्यकर्मी सीएचसी से भाग गए। सूचना पर छपिया थानाध्यक्ष कृष्णगोपाल राय ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर परिजनों को समझाया। कुछ देर बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। देर शाम शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि छपिया सीएचसी में प्रसूता व किशोर की मौत की जानकारी हुई है। अधीक्षक से पूरे मामले की जानकारी तलब की गई है। लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच कराकर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।