गोंडा। स्थानीय सीएचसी पर तैनात बीसीपीएम (ब्लॉक कम्युनिटी प्राेसेस मैनेजर) के तबादले से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ओपीडी बंद कराकर जमकर हंगामा काटा। अधीक्षक को एक कमरे में बंधक बना लिया। इस दौरान तीन घंटे तक ओपीडी बंद रही, जिससे दूरदराज से इलाज कराने आए तकरीबन 50 मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
खरगूपुर सीएचसी पर तैनात बीसीपीएम महेंद्र विश्वकर्मा का स्थानांतरण मुजेहना सीएचसी कर दिया गया। इससे नाराज करीब 100 आशा कार्यकर्ता व संगिनी सोमवार सुबह सीएचसी पहुंच गईं और हंगामा व प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलित आशा कार्यकर्ता व संगिनी ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी को एक कमरे में बंद कर दिया। सीएचसी का दरवाजा भी बाहर से बंद करा दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। इस दौरान 50 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक ने सीएमओ को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसीएमओ डॉ. एपी सिंह ने आशाओं को समझाकर शांत कराया। आशा कार्यकर्ताओं ने एसीएमओ को ज्ञापन सौंपकर बीसीपीएम का तबादला निरस्त करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
सीएचसी अधीक्षक डाॅ. श्वेता त्रिपाठी ने कहा कि जिले के लगभग सभी बीसीपीएम का स्थानांतरण सीएमओ की ओर से किया गया है। सीएचसी पर हंगामा कर मरीजों के इलाज में व्यवधान डालना उचित नहीं है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात बीसीपीएम का स्थानांतरण किया गया है। इसके विरोध में हंगामा करना उचित नहीं है। आशा कर्मियों को समझाकर शांत करा दिया गया है।