आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए जीएसटी दरों में कटौती का असर राज्य की कमाई पर पड़ा है। वित्त वर्ष 24-25 में जीएसटी से कुल आय करीब 1.14 लाख करोड़ हुई थी जबकि वित्त वर्ष 25-26 में करीब 1.15 लाख करोड़ का राजस्व मिला। ये पिछली बार से भले ही 1000 करोड़ रुपये ज्यादा है लेकिन लक्ष्य का सिर्फ 65.8% ही है। हालांकि, प्रदेश के कुल राजस्व संग्रह में 10228 करोड़ का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।
विधान भवन स्थित अपने कक्ष में सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वित्तीय अनुशासन, प्रभावी नीतियों और सुदृढ़ प्रशासनिक प्रबंधन से कुल राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है। राज्य अब 35000 करोड़ से अधिक रेवेन्यू सरप्लस के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
वित्त मंत्री बोले- यूपी बना 35 हजार करोड़ से अधिक रेवेन्यू सरप्लस राज्य
यह पिछले वर्ष के 212832 करोड़ के मुकाबले 10228 करोड़ ज्यादा है। मार्च में जीएसटी से 7347.31 करोड़ मिले जो पिछले वर्ष 6785.34 करोड़ थी। आबकारी से 9269.44 करोड़ मिले, पिछले वर्ष के 9744.50 करोड़ मिले थे। स्टांप एवं निबंधन में 2728.74 करोड़ का राजस्व मिला। पिछले वर्ष 2617.56 करोड़ मिले थे।
परिवहन क्षेत्र में 1624.84 करोड़ और भू-तत्व एवं खनिकर्म से 784.41 करोड़ राजस्व मिला है। खन्ना ने बताया कि वर्ष 25-26 में मूल बजट का 81% खर्च किया जा चुका है। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी कार्य योजना को शीघ्र करें।