गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर इस बार जिले में तकनीक का अभेद्य घेरा तैयार किया गया है। सभी 151 परीक्षा केंद्रों पर एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। इसके साथ ही डिजिटल मॉनीटरिंग, केंद्रीय नियंत्रण कक्ष व सचल दस्तों के समन्वय से त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
डीआईओएस कार्यालय में 15 बड़ी स्क्रीन से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। एआई कैमरे चेहरे की पहचान, असामान्य मूवमेंट व सामूहिक गतिविधियों का स्वत: विश्लेषण करेंगे, जिससे नकल की कोई भी कोशिश तत्काल पकड़ी जा सकेगी। एसटीएफ व एलआईयू के माध्यम से संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी कराई जाएगी। प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में होगी और स्ट्रांग रूम से केवल सही प्रश्नपत्र की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। स्ट्रांग रूम की रात्रिकालीन रैंडम चेकिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाएगी।
डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा में तकनीक और प्रशासनिक व्यवस्था का मजबूत संयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य नकल रोकना तथा पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराना है।
प्रशासनिक समन्वय के बीच होंगी परीक्षाएं
नकल रोकने के लिए केंद्रों के बाहर सीओ व एसओ की नियमित पेट्रोलिंग होगी। परीक्षा समय के अनुसार बसों का संचालन सुनिश्चित किया गया है और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी ताकि अफवाह या पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।