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Gonda News: सियासी खेल में उलझी पाटेश्वरी विवि की स्थापना

Sun, 26 Mar 2023 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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डोमाकल्पी में विवि की जमीन
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गोंडा। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले साल 2020 से जिले में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय स्थापना की तैयारी शुरू हो गई थी। इसके लिए परसपुर के डोमाकल्पी में 58 एकड़ भूमि तय करके प्रस्ताव भेजा था। इधर, मां पाटेश्वरी के नाम पर बलरामपुर जिलावासियों ने दावा पेश किया है। इसकी प्रतिक्रिया में गोंडा जिले में भी पेशबंदी शुरू हो गई है। हर वर्ग के लोग लामबंद होने लगे है।
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बीते दिनों बजट में प्रदेश सरकार ने 50 करोड़ का बजट तय किया और 21 फरवरी को जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान भी किया, जमीन मिल गई है जल्द ही निर्माण शुरू होगा। इसके बाद बलरामपुर जिले के सियासी नेताओं के कंधे के सहारे विश्वविद्यालय का निर्माण प्रभावित करने की मुहिम तेज हो गई है।
मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय को परसपुर के डोमाकल्पी के बजाय बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में खोले जाने के दांवपेंच से बुद्धजीवी व युवा तेवर में आ गए हैं। करनैलगंज के वरिष्ठ समाजसेवी अवधेश सिंह कहते हैं कि यह उचित नहीं है, पहले जहां प्रस्तावित है वहां का निर्माण शुरु कराएं। बलरामपुर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर से जुड़ा है, ऐसे में वहां कसिी दूसरे संस्थान की स्थापना कैसे की जा सकती है,
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एलबीएस डिग्री कॉलेज में अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. चमन कौर कहती हैं कि राज्य विवि स्थापना का ऐलान मुख्यमंत्री ने ही किया है, उनकी बात पर सभी को पूरा भरोसा है। गोंडा के यूथ और महिलाएं यूनिवर्सिटी को दूसरे जिले में नहीं जाने देंगे। आवश्यकता पड़ेगी तो आंदोलन करेंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश मिश्र ने कहा कि बलरामपुर में लोग भी शैक्षिक संस्थान खुलें, वह ठीक है लेकिन स्टेट यूनिवर्सिटी मंडल मुख्यालय होने के कारण जिले में ही स्थापित हो। सरदार बलजीत सिंह की मानें तो विवि सीएम ने ही स्थापित करने का ऐलान किया है। पूरी उम्मीद है कि वह अपनी बात से नहीं मुकरेंगे। सरकार ने हर मंडल मुख्यालय पर राज्य विवि की स्थापना का संकल्प विधानसभा में 2021 में दोहराया था।
विधायकों समेत दोनों सांसद कर चुके हैं दावा
जिले में राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने का दावा गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या तो शुरु से ही कर रहे हैं, अभी वह अपने दावे पर अटल हैं। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भूमि तय हो गई है, विश्वविद्यालय जिले में ही खुलेगा। इसके अलावा विधायक अजय सिंह, प्रेमनरायन पांडे, बावन सिंह, अजय सिंह, प्रभात वर्मा ने भी दावा किया कि विश्वविद्यालय जिले में ही खुल रहा है। मांग करने का हक सबका है, लेकिन गोंडा में स्थल तय हो चुका है और विश्वविद्यालय खुलेगा।

इन वजहों से जिले में विश्वविद्यालय स्थापित होने की उम्मीद
- प्रदेश सरकार ने मंडल मुख्यालय पर राज्य विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा विधानसभा में की थी
- फरवरी 2020 में ही मुख्यमंत्री से हो चुकी थी मांग, शुरू हो गई थी तैयारी
- साल 2021 में विस चुनाव से पहले भूमि तय करके भेजा जा चुका था प्रस्ताव
- विस चुनाव 2022 से पहले उच्च शिक्षा विभाग की टीम कर चुकी है स्थल का निरीक्षण
- जिले में सर्वाधिक महाविद्यालय और छात्रों की है संख्या
- जिले में राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर कला हो चुका है संचालित
- समुचित रेलवे मार्ग के साथ मालगोदाम की सुविधा सिर्फ जिले में
- डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि. से हैं जिले व बहराइच के कॉलेज
- बहराइच, श्रावस्ती व बलरामपुर के लिए मंडल मुख्यालय की दूरी है कम और सुविधाएं अलग
- मंडल मुख्यालय होने के कारण अन्य जिलों के लोगों का अक्सर रहता है आवागमन
- जिला अस्पताल के साथ ही मेडिकल कॉलेज की सुविधा होने से इलाज का बेहतर प्रबंध
- सबसे पुराना जिला है, बलरामपुर का गठन 1997 में जिले से अलग करके हुआ
- समय से मिल चुकी है जमीन, तैयार हो चुका है निर्माण की ड्राइंग

जोश में युवा, बढ़ सकता है आंदोलन
- मंडल मुख्यालय पर राज्य विश्वविद्यालय के लिए पहले भी आंदोलन हो चुका है। कोविड संकट के दौरान युवा घर में ही मांग की तख्ती लेकर आंदोलन कर रहे थे। इंकलाब फाउंडेशन के अविनाश सिंह कहते हैं कि विश्वविद्यालय किसी कीमत पर अलग नहीं जाने देंगे। पहला हक जिले के लोगों का है, इसके अलावा आंदोलन होगा। इस तरह राज्य विश्वविद्यालय लोगों के सम्मान से जुड़ चुका है।
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