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सातवें वेतन आयोग के खिलाफ केंद्रीय कर्मी लामबंद

Fri, 27 Nov 2015 11:26 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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 सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ शुक्रवार को जहां एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने काला दिवस मनाया तो वहीं अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों ने भी ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा पर की गई टिप्पणी को तत्काल वापस लिए जाने की मांग उठाई।
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एनई रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल संगठन मंत्री रामनगीना के नेतृत्व में शुक्रवार को मजदूर यूनियन के तमाम लोग डीजल शेड के गेट पर इकट्ठा हुए। जहां से इन्होंने पैदल मार्च निकाला।

श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज रेलवे कॉलोनी के पास स्थित यूनियन के दफ्तर पर मजदूर यूनियन ने सभा की।

इसमें डीजल शेड के शाखा मंत्री राकेश पांडेय ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में कर्मचारियों के साथ धोखा किया गया है।

शाखा मंत्री शाहिद अली ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के खिलाफ काम कर रही है। अगर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया तो इसके खिलाफ देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
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इस मौके पर मो. फरहान, रामसिंह, विनोद श्रीवास्तव, आफताब आलम व केएल यादव समेत यूनियन के तमाम लोग मौजूद रहे।

उधर, अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के तृतीय श्रेणी कर्मचारियों ने भी शुक्रवार का दिन काले दिवस के रूप में मनाया। काला फीता बांधकर इन कर्मचारियों ने विरोध जताया।

प्रदर्शनकारी डाककर्मियों का कहना था कि सातवें वेतन आयोग की ओर से ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा को लेकर जो टिप्पणी की गई है, उसे तत्काल वापस लिया जाए।

न्यूनतम वेतन को 18 हजार से बढ़ाकर 26 हजार रुपये किया जाए। वेतन वृद्धि का निर्धारण करने वाले गुणांक में बढ़ोतरी की जाए।

इस दौरान वीरेंद्र प्रताप सिंह, एनएन सोनकर, एसके ओझा, वीएन द्विवेदी, लवकुश शुक्ल, धीरेंद्र वर्मा, सौरभ श्रीवास्तव, दिलीप वर्मा, आयुष सिंह व राघवराम आदि मौजूद रहे।
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