गोंडा। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम नेहा शर्मा ने एसडीएम, तहसीलदार व चकबंदी अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें राजस्व एवं चकबंदी से संबंधित लंबित प्रकरणों का निस्तारण अब मिशन मोड पर करने को कहा है।
बैठक में डीएम ने कहा कि अविवादित वरासत के मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 कार्य दिवसों में किया जाए, वहीं धारा 24 (पैमाइश), धारा 80 (आकृषिक उपयोग) और धारा 116 (बंटवारा) के मामलों में लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाया जाए।
सभी राजस्व वाद केवल ऑनलाइन दर्ज किए जाएं तथा ऑफलाइन व्यवस्था पूरी तरह से बंद किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन वादों के निस्तारण में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना के तहत लंबित सभी प्रकरणों का निस्तारण आगामी 10 कार्य दिवसों में किया जाए। साथ ही, भविष्य में मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण का तय समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य किया जाए। डीएम ने शहरी भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, किसान रजिस्ट्री, रियल टाइम खतौनी तथा खसरा-पड़ताल जैसे कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने को कहा है।
डीएम ने चकबंदी प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसमें तकनीक का प्रयोग कर पारदर्शिता लाई जाए और समय की बचत हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लैंड रिकॉर्ड्स के गायब होने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।