गोंडा। उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में 21 साल पूर्व पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी को दो साल तीन दिन कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में एक अभियुक्त को पूर्व में सजा हो चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 27 मार्च 2002 को रात नौ बजे उमरीबेगमगंज थाने की पुलिस टीम क्षेत्र भ्रमण पर थी। तभी चंगेरी गांव में आरामशीन के पास खड़े तीन लोगों ने तमंचा से फायर कर टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। जवाबी हमले के दौरान परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भौरीगंज के रहने वाले राजकुमार पासी व उसका भाई शिवबली पासी मौके पर पक्ड़ा गया। उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लालापुरवा मौजा बरौली का ओम प्रकाश उर्फ प्रकाश भागने में सफल रहा। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और तीनों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे के दौरान आरोपी शिवबली अवर न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ तो उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। जबकि अभियुक्त राज कुमार पासी को पूर्व में ही सजा हो चुकी है। ट्रायल के दौरान हत्या के प्रयास का पुख्ता साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी ओम प्रकाश को दोष सिद्ध किया। बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त को हत्या के प्रयास के अपराध में दो साल तीन दिन कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया।