गोंडा। हिंदुओं के लिए आस्था के प्रतीक ग्रंथ रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली का मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंच गया है। श्रीलाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के शोध केंद्र निदेशक प्रोफेसर शैलेंद्रनाथ मिश्र ने लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल की है। साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में शामिल महाकवि का वास्तविक जन्मस्थल नियत करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि शासन स्तर से छात्रों के पाठ्यक्रमों में महाकवि तुलसीदास की जीवनी में जन्मस्थल को तीन अलग-अलग स्थानों पर पढ़ाया जाना साधु-संतों का अपमान है। किसी भी व्यक्ति की कोई एक ही जन्मस्थली हो सकती है। तमाम शोध व प्रमाणों में गोंडा ही महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली होने की प्रबल संभावना है। इसको लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता गणेशनाथ मिश्र और प्रिंस लेनिन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल कर जन्मस्थल सुनिश्चित करने की मांग की है।