गोंडा। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड जानलेवा होती जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों एवं सांस रोगियों की मुश्किल बढ़ गई है। सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती तीन लोगों की मौत हो गई। ठंड जनित बीमारियों से पीड़ित करीब पांच सौ मरीजों का इलाज हुआ।
जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती बकठोरवा निवासी बुलबुल (एक साल) की इलाज के दौरान मौत हो गई। ठंड जनित बीमारी व संक्रमण से पीड़ित बुलबुल को सात जनवरी को भर्ती कराया गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। कोतवाली देहात के सराय जरगर निवासी जुबैदा (50) को सांस की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, सोमवार की दोपहर उसकी मौत हो गई। वहीं डिडिसिया कला निवासी जयपता (65) की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल के विभिन्न विभागों में 1123 लोगों की ओपीडी हुई, जिसमें पांच सौ से अधिक मरीज ठंड जनित बीमारी से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल के डॉ. जितेंद्र मिश्र ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों व बुजुर्गों की विशेष देखभाल करनी चाहिए। ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहने। सिर और पैर को हमेशा ऊनी कपड़ों से ढके रखें। गर्म पानी का सेवन करें। समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।