गोंडा। सरकारी अनाज की कालाबाजारी के आरोपी खोंड़ारे के कोटेदार और उसके पुत्र का अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया।
विशेष अधिवक्ता ईसी एक्ट अजय कुमार तिवारी के अनुसार आपूर्ति निरीक्षक चंदन कुमार ने एक फरवरी 2020 को खोंड़ारे की ग्राम पंचायत दौलतपुर ग्रंट के उचित दर बिक्री की दुकान की जांच की। इसमें पता चला कि कोटेदार गंगाराम ने माह दिसंबर 2019 में 25 अंत्योदय व 123 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को राशन बांटा है। जांच के दौरान विक्रेता के स्टाक में 52 बोरी गेहूं (लगभग 26 क्विंटल) व 37 बोरी चावल (16.50 क्विंटल) कम पाया गया।
आपूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर खोंड़ारे पुलिस ने तीन फरवरी 2020 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर विवेचना की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान मुकदमे के साक्ष्य, तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने आरोपी कोटेदार गंगाराम व उसके पुत्र राकेश का अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। न्यायालय ने नियमित जमानत की सुनवाई के लिए आगामी 12 जनवरी 2023 की तिथि निश्चित की है।