गोंडा के रेलवे यार्ड में बन रही वाशिंग पिट।
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गोंडा। रेलवे के विकास को लेकर चल रही कसरत में गोंडा स्टेशन पर एक नई सुविधा और जुड़ने जा रही है। अमान परिवर्तन, तीन नए प्लेटफार्मों के निर्माण के साथ अब दो वाशिंग पिट लाइनों का निर्माण शुरू हो गया है। इन वाशिंग पिट लाइनों का निर्माण 16 करोड़ से किया जा रहा है। गोंडा जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव व रोकने के साथ उनकी साफ-सफाई व धुलाई के लिए गोरखपुर या लखनऊ की वाशिंग पिट लाइनों के लिए ट्रेनों को नहीं भेजना पड़ेगा। साढ़े पांच वर्ष की मसक्कत के बाद गोंडा रेलवे यार्ड की दो वाशिंग पिट लाइनें जून 2020 में बनकर तैयार हो जाएगा।
वर्ष 2013 में गोंडा से वाया बलरामपुर होते हुए गोरखपुर लूप लाइन (छोटी लाइन) को बड़ी लाइन में परिवर्तन का कार्य किया जाने लगा। तो जून 2014 को गोंडा रेलवे यार्ड में मौजूद वाशिंग पिट लाइन को खत्म कर दिया गया था। तब से गोंडा में वाशिंग पिट लाइन नहीं था। रेलवे बोर्ड ने 2018 -19 के बजट में 16 करोड़ की लागत से दो वाशिंग पिट लाइन बनाने की घोषणा की गई। जिसके लिए रेलवे बोर्ड ने बजट भी पूर्वोत्तर रेलवे को दे दिया। इसी क्रम में गोंडा रेलवे यार्ड के पूर्वी छोर व सोनी गुमटी के निकट 8-8 करोड़ के दो वाशिंग पिट लाइन बनाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। वाशिंग पिट लाइन बनने से गोंडा रेलवे में करीब 5 हजार कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी तो होगी ही साथ में गोंडा रेलवे स्टेशन की पहचान गोरखपुर व लखनऊ की तर्ज पर हो जाएगी। पूवोत्तर रेलवे के दूसरे नम्बर में इस यार्ड की गिनती होगी।
एक साथ 26 डिब्बों की होगी धुलाई
18 करोड़ की लागत से बनने वाली वाशिंग पिट लाइन की लंबाई 650 मीटर का होगा। जिसमें 26 डिब्बो का रैक को खड़ा किया जा सकेगा। जिसे एक साथ सभी 26 डिब्बों की धुलाई व सफाई होगी। यानि दोनों लाइनों पर दो ट्रेनों के रैक खड़े होंगे। बनने वाले पिट लाइन में से पहला वाशिंग पिट लाइन डेमो व मेमो ट्रेनों के रैक का होगा, जबकि दूसरा वाशिंग पिट लाइन एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का रैक का होगा।
गोंडा वाशिंग पिट का इतिहास यह है कि जब गोंडा रेलवे यार्ड पूर्ण रूप से छोटी लाइन थी तब रेलवे यार्ड में वाशिंग पिट लाइन प्लेटफॉर्म नंबर 1 की तरफ था। जैसे-जैसे छोटी लाइन कम होती गई तो इस वाशिंग पिट लाइन को 1982 में बंद कर दिया गया। उसके बाद नया वाशिंग पिट लाइन रेलवे लोको शेड के पास व प्लेटफार्म नंबर 5 के पास बनाया गया। जिसे जून 2014 में बंद कर दिया गया था। तब से गोंडा रेलवे यार्ड में वाशिंग पिट लाइन नहीं था।
गोंडा रेलवे यार्ड मई 2020 तक पूर्वोत्तर रेलवे का नंबर दो का रेलवे यार्ड बनकर तैयार हो जाएगा। जो आधुनिक तरह के संसाधनों से युक्त होगा। इसी क्रम में गोंडा यार्ड में दो वाशिंग पिट लाइन भी चालू हो जाएगा। -डॉ. मोनिका अग्निहोत्री, डीआरएम लखनऊ मंडल पूर्वोत्तर रेलवे