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Gonda News: घाट पर पैर फिसलने से सरयू में गिरीं दो बहनें, डूबने से मौत

Sun, 06 Sep 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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सुप्रिया व सुहानी की फाइल फोटो और बिलखते परिजन। संवाद
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परसपुर। भौरीगंज में रविवार को सरयू नदी में मछलियों को चारा डालने गईं दो बहनों की डूबने से मौत हो गई। हादसा रामजानकी मंदिर के पास घाट पर हुआ। पुलिस ने स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से दोनों बहनों के शव नदी से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
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राजापुर बद्दुपुरवा निवासी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी भतीजी सुप्रिया तिवारी (15) तुलसी स्मारक इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और सुहानी तिवारी (9) कंपोजिट विद्यालय मधईपुर कुर्मी में कक्षा आठ में पढ़ती थी। रविवार सुबह 10:30 बजे दोनों बहनें भौरीगंज स्थित रामजानकी मंदिर के पास सरयू नदी में मछलियों को चारा डालने गई थीं।
घाट की सीढ़ियों पर पैर फिसलने से सुप्रिया व सुहानी नदी में गिरकर डूब गईं। आसपास के लोग बचाने पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से दोनों को नदी से निकलवाकर एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंचे सीओ आनंद कुमार राय ने प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी ली। थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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मां हुई बदहवास, बार-बार बेटियों को पूछ रही
परसपुर। सरयू नदी में डूबने से सुप्रिया और सुहानी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पिता अरुण तिवारी रोजी-रोटी के सिलसिले में पंजाब में हैं। बेटियों की मौत की खबर अभी उनकी मां रीना तिवारी को नहीं दी गई है। परिजन उनसे यही कह रहे हैं कि बेटियां नदी में गिर गई थीं और उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। मगर मां मानने को तैयार नहीं हैं। घर में जुटी भीड़ और महिलाओं को बिलखते देखकर रीना बार-बार अपनी बेटियों के बारे में पूछ रही हैं।
राजापुर बद्दूपुरवा निवासी अरुण तिवारी की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी एकता तिवारी है। मंझली सुप्रिया और छोटी सुहानी की सरयू में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद से घर में रिश्तेदारों और गांव के लोगों का जमावड़ा है। हर चेहरा गमगीन है। रीना बदहवास हैं। वह हर किसी से बेटियों के बारे में पूछ रही हैं। कभी बेटियों को बुलाने की बात कहती हैं तो कभी उनके पास ले चलने के लिए कहती हैं। जवाब नहीं मिलने पर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने इलाज कराया।
परिवार के लोग रीना को बेटियां की मौत की खबर देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्हें डर है कि एक साथ दो बेटियों को खोने की खबर सुनकर रीना की हालत और बिगड़ सकती है। घर की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही हैं लेकिन खुद अपने आंसू नहीं रोक पा रही हैं। हादसे ने पूरे परिवार को ऐसी पीड़ा में डाल दिया है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
आर्थिक मदद के लिए भेजी रिपोर्ट
राजस्व निरीक्षक अमरजीत सिंह और लेखपाल वासुदेव यादव ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। दैवी आपदा के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

सुप्रिया व सुहानी की फाइल फोटो और बिलखते परिजन। संवाद

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