कमिश्नर कार्यालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़े अधिवक्ता संजय दूबे और उनके परिजनों से बात क
गोंडा। विभिन्न मांगों को लेकर नाराज दो अधिवक्ता सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घंटों मशक्कत और अधिकारियों के आश्वासन पर करीब साढ़े पांच घंटे बाद दोनों अधिवक्ता टंकी से उतरे।
अधिवक्ता संजय दूबे सोमवार सुबह 10 बजे अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ल के साथ मंडलायुक्त कार्यालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम व एएसपी (पूर्वी) अजीत रजक के साथ नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने दोनों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अधिवक्ता संजय दूबे का कहना था कि उनके पिता देवनारायण दूबे की 26 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। मामले में हत्या की धारा बढ़ाते हुए पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन दो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। संजय दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
वहीं अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ल अपने गांव की चकरोड पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत के बावजूद राजस्व विभाग ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। सूचना पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, स्थानीय लोग और राहगीर भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चकरोड पर कब्जे के मामले के निस्तारण के लिए नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों अधिवक्ता दोपहर बाद टंकी से उतर आए।
कमिश्नर कार्यालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़े अधिवक्ता संजय दूबे और उनके परिजनों से बात क