गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग दलित बालिका के अपहरण, दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को 20-20 साल कारावास और 62-62 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जबकि साक्ष्य के अभाव में पांच आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए अदालत ने कर्तव्य में लापरवाही व पीड़िता को घटना का समर्थन न करने के लिए दुष्प्रेरित करने वाली महिला आरक्षी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है।
पाॅक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सिंह व सुनील कुमार मिश्र के अनुसार नगर क्षेत्र निवासी एक दलित व्यक्ति ने 12 नवंबर 2015 को नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि आठ नवंबर 2015 को उसकी 13 साल की बेटी रात करीब 10 बजे खाना बनाकर घर से निकली थी। तभी संतोष शुक्ल का ड्राइवर गोलू उर्फ सुनील कुमार कोरी उसे बहलाकर भगा ले गया। तलाश करने पर संतोष शुक्ल, ननकऊ शुक्ल, गोलू व उसकी बहन सुनीता, बहनोई माकू भी नहीं मिले। सभी ने साजिश कर लड़की का अपहरण कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
विवेचना के दौरान बालिका के अपहरण, दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट का पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार कोरी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार न्यायालय ने आरोपी सुरेश चंद्र पाठक, संतोष शुक्ल, ननकऊ शुक्ल, राकेश चंद्र पांडेय उर्फ रानू, त्रिवेनी प्रसाद शुक्ल व उनके पुत्र नितिन शुक्ल को भी तलब किया। ट्रायल के दौरान पुख्ता सबूत मिलने पर न्यायालय ने अभियुक्त सुनील कुमार कोरी व नितिन शुक्ल को दोषी करार दिया और साक्ष्य के अभाव में अन्य अभियुक्त सुरेश चंद्र पाठक, संतोष शुक्ल, ननकऊ शुक्ल, त्रिवेनी प्रसाद शुक्ल व राकेश चंद्र पांडेय उर्फ रानू को दोषमुक्त कर दिया।
विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने मंगलवार को दोषी अभियुक्त सुनील कुमार कोरी व नितिन शुक्ल को 20-20 साल कठोर कारावास और 62-62 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। इसी मामले में न्यायालय ने विवेचना के दौरान कर्तव्य के प्रति उपेक्षा, चिकित्सीय परीक्षण प्रभावित करने, परीक्षण में कटिंग करने और विवेचक के बयान लेने से पूर्व घटना का समर्थन न करने के लिए पीड़िता को दुष्प्रेरित करने वाली आरक्षी शीलमती शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक, विभागीय जांच कर कार्रवाई का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है। कार्रवाई की प्रविष्टि उसकी सेवा पुस्तिका में भी की जाएगी।