गोंडा। मेला देखने निकले युवक की हत्या के बाद शव को छिपाने के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 13-13 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला बुधवार को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दानिश हसनैन की अदालत ने सुनाया।
उमरीबेगमगंज के मरगूबपुर बगिया गांव निवासी अजय कुमार पांडेय ने 19 नवंबर 2021 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनका छोटा भाई रोहित पांडेय 18 नवंबर को भैरमपुर में मेला देखने गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। अगले दिन सुबह उसका शव निबिही बगिया के पास पड़ा मिला। सीने, सिर और हाथ में गोली लगने के निशान थे। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
तहरीर के आधार पर थाना उमरीबेगमगंज में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई। जांच में साक्ष्य व परिस्थितियों के आधार पर रंजीत मिश्रा और गुरुदयाल को आरोपी पाया गया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। तत्कालीन विवेचक निरीक्षक करुणाकर पांडेय ने 10 फरवरी 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दानिश हसनैन की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों अभियुक्तों रंजीत मिश्रा एवं गुरुदयाल (निवासी खरगूपुर) को दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 13-13 हजार का अर्थदंड लगाया।