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Gonda News: पानी से भरे गड्ढे में दो बच्चे डूबे, मौत

Mon, 13 Jul 2026 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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पानी से भरे गड्ढे में डूब गए बालकों को खोजते ग्रामीण।
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इटियाथोक। धान की रोपाई कर रहे पिता के लिए बेरन लेकर खेत जा रहे दो चचेरे भाइयों की रविवार को मैरेज हॉल के पीछे करीब 20 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। करीब पांच घंटे तक चले खोज अभियान के बाद ग्रामीणों ने दोनों के शव बाहर निकाले। हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों ने अवैध खोदाई का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बंजरिया गांव निवासी जंग बहादुर और राम बहादुर रविवार को बंटाई के खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। उनके लिए घर के पास तैयार की गई धान की बेरन लेकर राम बहादुर का 12 वर्षीय बेटा राजन और जंग बहादुर का 15 वर्षीय बेटा शिवम साइकिल से खेत के लिए निकले थे। शिवम की मां कंचना ने बताया कि दोनों बच्चों को करीब एक किलोमीटर दूर स्थित खेत तक बेरन पहुंचानी थी।

काफी देर तक दोनों के खेत न पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए और उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान बैजपुर गांव के पास मैरेज हॉल के पीछे गड्ढे के किनारे दोनों की साइकिल खड़ी मिली। गड्ढे के पास फिसलने के निशान मिलने पर अनहोनी की आशंका गहरा गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और गड्ढे में उतरकर दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पहले शिवम का शव बरामद हुआ। इसके बाद शाम करीब छह बजे राजन का शव भी बाहर निकाल लिया गया। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीण दोनों शव बरामद कर चुके थे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर है, जांच की जा रही है।
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कक्षा पांच और छह के छात्र थे दोनों बच्चे

राजन एक निजी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। परिवार में पिता राम बहादुर, मां मालती देवी, बड़ा भाई प्रांजल और बहन मोनिका हैं। वहीं शिवम कक्षा छह का छात्र था। उसके परिवार में पिता जंग बहादुर, मां कंचना, छोटी बहन महिमा और छोटा भाई सत्यम हैं। दोनों बच्चों की असमय मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे।

गड्ढा बना मौत का कुंड, परिजनों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद परिजनों ने मैरेज हॉल के पीछे खोदे गए गहरे गड्ढे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजन की मां मालती देवी का आरोप है कि गांव के पास करीब छह महीने पहले जेसीबी से लगभग 40 मीटर क्षेत्रफल में करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। बरसात के दौरान उसमें पानी भर गया और वही दोनों बच्चों के लिए मौत का कुंड बन गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे की भराई करा दी जाती या उसके चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम, घेराबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों ने भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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