कौड़ियाबाजार थानाक्षेत्र में पड़ने वाले रामापुर गांव के मजरे सल्दी-बल्दीपुरवा में 48 घंटों के अंतराल में दो बच्चों ने बुखार से दम तोड़ दिया। जबकि गांव में करीब 24 बच्चे अभी भी बीमार चल रहे हैं। गुरुवार की सुबह गांव में हुई दो मौतों का पता चलने के बाद गांव पहुंची सीएचसी कटराबाजार की टीम ने बीमार बच्चों का उपचार किया।
साथ ही बुखार से मरने वाले दोनों बच्चों के परिवारीजनों के बयान दर्ज किए। कटराबाजार के अधीक्षक डॉ.महेंद्र ने जो रिपोर्ट सीएमओ को भेजी है, उसमें बुखार से मरने वाले दोनों बच्चों को काफी समय से बीमार बताया है। लेकिन बुखार कौन सा है, यह बात रिपोर्ट में कहीं भी स्पष्ट नहीं है।
रामापुर गांव के मजरे सल्दीबल्दीपुरवा में बीते काफी दिनों से तेज बुखार का प्रकोप फैला है। गांव में बुखार से दो दर्जन के करीब बच्चे बीमार हैं। जिनमें से 7 की हालात ज्यादा खराब होने पर गुरुवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने बच्चों का उपचार भी किया।
जबकि इसी गांव के दो बच्चों स्वाती (3) पुत्री ध्रुवनारायण दुबे व गुनगुन (ढाई साल) पुत्री पप्पू दुबे की बीते 48 घंटों के अंतराल पर मौत हो गई। स्वाती की मौत मंगलवार देर रात हुई जबकि गुनगुन की मौत बुधवार की रात।
गांव वालों से इसकी जानकारी फोन पर मिलने के बाद मुख्यालय एक मीटिंग में हिस्सा लेने आए यहां के अधीक्षक डा.महेंद्र को सीएमओ डॉ.संतोष कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल गांव जाकर पीड़ितों का उपचार करने का निर्देश दिया।
जिस पर अधीक्षक अपनी सीएचसी की टीम के साथ सल्दीबल्दीपुरवा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मरने वाले दोनों बच्चों के परिवारीजनों के बयान दर्ज करते हुए गांव के अन्य लोगों के भी अलग-अलग बयान लिए। वहीं गांव में 7 बच्चे उन्हें ऐसे भी मिले। जिनकी हालत बुखार से ज्यादा खराब थी। जिनका गांव में ही उपचार किया गया।
जबकि गांव में भोलेनाथ (4), रीता (6), भोलू (7), रवि (9), सुमन (17), मनीष (17), सुरेन्द्र (14), महक (10) व तनय (8) को लेकर करीब दो दर्जन बच्चे बुखार से बीमार चल रहे हैं। गांव में रहने वाले हृदयराम दुबे व राजेश सिंह के मुताबिक गांव में बुखार से तमाम बच्चे बीमार चल रहे हैं।
गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर भी लगे हैं। वहीं दूसरी ओर गांव पहुंची सीएचसी की टीम और यहां तक कि खुद अधीक्षक अपनी जांच में यह पता नहीं लगा पाए कि मरने वाले बच्चों को बुखार कौन सा था। पूछने पर उन्होंने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई है, वह काफी समय से बीमार थे। गांव में अधिकतर बच्चे सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मिले हैं।
सल्दीबल्दीपुरवा गांव से जैसे ही बुखार की सूचना उन्हें मिली, सीएचसी कटराबाजार के अधीक्षक को वहां के लिए रवाना कर दिया गया था। बुखार कौन सा था, इस बारे में अधीक्षक की रिपोर्ट आने के बाद ही वह कुछ बता पाएंगे। लेकिन लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। -संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ गोंडा