गोंडा। एडीजे (चतुर्थ) नित्या पांडेय ने शनिवार को विद्युत चोरी और संविदाकर्मी की पिटाई के मामले में निर्णय सुनाया। दो भाइयों को एक साल की परिवीक्षा पर छोड़ते हुए वादी को 16 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
इटियाथोक विद्युत उपकेंद्र पर तैनात संविदा लाइनमैन रवि प्रताप तिवारी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि तीन मई 2017 को लाइन की पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम गोसेंद्रपुर निवासी इंद्रेश सिंह, उनके भाई रत्नेश सिंह और दद्दन सिंह विद्युत चोरी करते मिले थे। कनेक्शन के कागजात मांगने और वीडियो बनाने पर आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी।
विवेचना में पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मुकदमे के दौरान दद्दन सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई और जुर्म स्वीकार करने पर 30 जनवरी 2024 को उनका मुकदमा निर्णीत कर दिया गया।
न्यायालय ने शनिवार को साक्ष्यों के आधार पर इंद्रेश सिंह और रत्नेश सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की दो जमानत प्रस्तुत करने पर एक साल के सदाचरण और परिशांति बनाए रखने की परिवीक्षा पर छोड़ दिया। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को एक सप्ताह के भीतर आठ-आठ हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वादी रवि प्रताप तिवारी को देने का आदेश दिया।