गोंडा। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में ऋण घोटाले के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने रविवार को अयोध्या निवासी सगे भाई जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, बैंक के सहायक महाप्रबंधक/मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में ऋण वितरण में अनियमितता, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और बैंक खातों से धनराशि के दुरुपयोग के आरोप हैं। स्पेशल ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट में करीब 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के अनियमित हस्तांतरण और दुरुपयोग का मामला सामने आया था।
ऑडिट रिपोर्ट में 205 खाताधारकों के ऋण व बचत खातों और पांच आंतरिक खातों से धनराशि के दुरुपयोग का आरोप है। इनमें आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपये के अनधिकृत आहरण की बात भी सामने आई है। मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि नगर कोतवाली की पुलिस टीम ने अयोध्या के जनौरा परिक्रमा मार्ग कृष्णानगर कॉलोनी निवासी जय प्रताप व राज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई की है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम का गठन किया गया है।