गोंडा नगर कोतवाली में 27 फरवरी को दर्ज अलग-अलग तीन प्राथमिकी में पीड़ितों ने आरोप लगाया था कि विवेक कुमार उर्फ शमशाद खान और उसके साथियों ने मल्टी इंटरनेशनल इमीग्रेशन काउंसिल नाम से कार्यालय खोल था। आरोपी युवाओं को रूस (मास्को) में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर वीजा बनवाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
फर्जी वीजा एग्रीमेंट, ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज दिखाकर युवाओं को विश्वास में लेते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 250 युवाओं से करीब तीन करोड़ रुपये लेने के बाद उन्हें दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट बुलाया, जहां पासपोर्ट लेकर संपर्क बंद कर दिया। बाद में ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने विशेष टीम गठित की। मुख्य आरोपी शमशाद खान को पहले ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कोलकाता से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर रविवार रात कार्रवाई की गई। एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि गिरोह के दो और सदस्यों की गोरखपुर से गिरफ्तारी के बाद कई और अहम जानकारी मिली है। उसी आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
युवाओं के पासपोर्ट अपने पास रखकर बनाते थे दबाव
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह जानबूझकर युवाओं के पासपोर्ट अपने पास रखता था, ताकि पीड़ित तुरंत जालसाजी की शिकायत न कर सकें। कई युवाओं को महीनों तक यह कहकर टाल दिया गया कि वीजा प्रक्रिया चल रही है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिलों में एजेंट बनाकर लोगों को जोड़ते थे और कमीशन देते थे, जिससे ठगी का दायरा बढ़ता गया। 194 पासपोर्ट की बरामदगी के बाद साफ हो गया कि गिरोह बड़े स्तर पर विदेश भेजने के नाम पर ठगी कर रहा था।
11 जिलों के युवाओं से की थी ठगी
गोंडा। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच मंडल के 11 जिलों के युवाओं से ठगी की गई थी। इनमें देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के कई युवक शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या मंडल के अयोध्या व बाराबंकी तथा गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और बलिया के युवाओं से भी ठगी की बात सामने आई है। पीड़ित युवाओं ने 26 फरवरी को गोंडा पहुंचकर नगर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उन्हें विदेश भेजने और अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया था। इसके बदले उनसे मोटी रकम ली गई, लेकिन न तो वीजा मिला और न ही नौकरी। इस मामले में गोंडा नगर कोतवाली में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।