गोंडा। वर्ष 1971 में पाकिस्तान की सेना को धूल चटाते हुए लगभग 93 हजार पाकिस्तानी जवानों को बंदी बनाकर विजय की अमर गाथा रचने वाले अमर रणबाकुरों के सम्मान में दिल्ली से चली विजय ज्योति शनिवार को गोंडा पुलिस लाइन पहुंची। सेना की 5वीं बटालियन जम्मू एवं कश्मीर ने पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम में 1971 के भारत-पाक युद्ध के हीरो रहे जिले के निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जीएस त्रिपाठी को बटालियन ने सम्मानित किया। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जीएस त्रिपाठी ने इस अवसर पर युद्ध के संस्मरण साझा किए। इस दौरान दो सेनानियों व शहीद की वीर नारी को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।
विजय ज्योति समारोह में डीएम मार्कंडेय शाही व अधीक्षक शैलेश पांडेय ने मिशन शक्ति अभियान के तहत एनसीसी महिला कैडेट को जोड़ते हुए उन्हें मिशन शक्ति दूत के रूप नामित किए जाने की घोषणा की। डीएम ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स की महिला मिशन शक्ति दूत अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम पांच गांवों में जाकर महिलाओं व बालिकाओं को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन के प्रति जागरूक करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन शक्ति दूतों को पुलिस विभाग से पहचान पत्र जारी किया जाएगा तथा पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग देकर महिलाओं व बालिकाओं में सुरक्षा की भावना उत्पन्न की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन रेंज डॉ. राकेश सिंह ने डीएम व एसपी के महत्वपूर्ण कदम की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का यह निर्णय आने वाले दिनों में महिला सशक्तिकरण व स्वावलंबन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर सेना के अधिकारी शिशिर श्रीवास्तव, एडीएम राकेश सिंह, सीआरओ राजित राम प्रजापति, सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, एसडीएम सदर कुलदीप सिंह, एसडीएम ज्ञानचंद्र गुप्ता, वीर बहादुर यादव, महेंद्र सिंह, तहसीलदार पुष्कर मिश्रा सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।