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ट्रैक पर गिरे पेड़, पांच घंटे बद रहा रेल यातायात

Tue, 14 Jun 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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अांधी में गिरा पेड़ - फोटो : अमर उजाला
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जिले में सोमवार की शाम आई आंधी में मरने वालों की संख्या बढ़कर जहां तीन हो गई है तो वहीं इस आंधी में ठप हुई तमाम इलाकों की बिजली 24 घंटे बीतने के बाद भी अब तक बहाल नहीं हो पाई है। जिसके कारण करीब आठ लाख आबादी की बिजली को लेकर दिक्कतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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वहीं, सोमवार शाम आई आंधी के चलते ट्रैक पर पेड़ टूटकर गिरने से गोरखपुर-गोंडा रेलखंड का यातायात भी करीब पांच घंटे के लिए बाधित रहा, जिसे बाद में रेलवे अधिकारियों ने जैसे-तैसे बहाल करवाया। इसके अलावा जिले की कई सड़कों पर भी पेड़ों के टूटकर गिरने से यातायात कई घंटे बंद रहा। 

जिले में सोमवार की शाम सात बजे आई आंधी के बाद खंभे व तार टूटने से जहां आठ घंटे तक पूरा जिला अंधेरे में डूबा रहा तो वहीं एक-एक कर 19 बिजलीघरों की बिजली बहाल हो जाने के बाद भी जिले के तीन उपकेंद्रों की सप्लाई अभी भी गुल चल रही है। इसमें करनैलगंज के दो बिजलीघर कटराबाजार और बालपुर के साथ ही शहरी क्षेत्र का एक बिजलीघर आवास विकास शामिल है, जिसकी बिजली बीते 24 घंटे से गुल चल रही है।
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इसे अभी तक पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी बहाल नहीं करवा पाए हैं। आवास विकास में बिजली न आने से जहां शहर का एक पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है तो वहीं इसी बिजलीघर से संचालित 11 केवी रेलवे की भी बिजली गुल चल रही है। जिससे करीब एक लाख आबादी की मुश्किलें बिजली के साथ-साथ पानी को लेकर काफी बढ़ी हुई हैं। वहीं करनैलगंज के दो बिजलीघरों से जुड़ी 500 ग्राम पंचायतों की सात लाख आबादी की भी बत्ती सोमवार की शाम से ही गुल चल रही है। 

बीती शाम आई आंधी के बाद करीब पांच घंटे तक गोंडा-गोरखपुर का रेल यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा। गोंडा से बरुआचक के बीच सात स्थानों पर पेड़ों के रेल ट्रैक पर गिर जाने से गोरखपुर से कोई ट्रेन लखनऊ नहीं जा सकी। शाम सात बजे आई आंधी के पांच घंटे बाद रात 12 बजे जब रेल अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद अप ट्रैक को खुलवाया, तब जाकर कहीं रेल यातायात बहाल हो सका।

उधर शाम से ही पूरे प्लेटफॉर्म की बिजली गुल होने से रेलयात्री भी परेशान रहे। जबकि आंधी में रेल ट्रैक पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन को सोनी गुमटी के पास, बनारस इंटरसिटी को बरुआचक, बाघ एक्सप्रेस को मोतीगंज स्टेशनों पर पांच घंटे तक के लिए खड़ा रखना पड़ा। 

सोमवार की शाम आई आंधी में सिसई गांव में आयोजित एक बरही संस्कार से लौट रहीं तीन सहेलियों में से जहां एक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई तो वहीं उसकी दो घायल सहेलियों का इलाज शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।

बताया जाता है कि उमरी थाना क्षेत्र के सिसई गांव में रहने वाले पृथ्वीराज की बेटी काजल (25), जगदीश की बेटी गुड्डी (35) व रमेश की बेटी स्नेहा एक बरही संस्कार में शामिल होने पास के गांव में गई थीं। वहां से शाम को लौटते वक्त सीबीएन रोड पर तीनों के ऊपर एक जामुन का पेड़ गिर पड़ा, जिसमें तीनों सहेलियां गंभीर रूप से घायल हो गई।

परिवारीजनों ने तीनों को शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां काजल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि उसकी दो सहेलियां अभी भी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही हैं। बता दें कि सोमवार की शाम इसी आंधी में एक पेड़ के घर पर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी। 

सोमवार की शाम आई आंधी में जहां शहर के भीतर ही कई स्थानों पर तमाम पेड़ पलक झपकते ही धराशायी हो गए तो वहीं पावर कॉरपोरेशन का 10 क्विंटल वजनी एक ट्रांसफार्मर हवा में उड़ते हुए कुछ दूर जाकर गिरा। जबकि इसी आंधी में आवास विकास मोहल्ले में एक छत पर रखा तख्त उड़ते हुए जाकर बिजली के पोल में फंस गया। 
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