गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे ने अलग-अलग जगहों पर तीसरी लाइन बिछाने, रेलवे गेट को बंद करके पुल व अंडरपास बनाने एवं ट्रैक की मरम्मत के लिए 27 अप्रैल से 3 मई तक मेगा ब्लॉक लिया है। सोमवार को 22 ट्रेनें गोंडा रेलवे स्टेशन पर नहीं पहुंचीं। कुछ ट्रेनें रदद् रहीं तो कई का रूट डायवर्ट रहा। सुबह 9.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक गोंडा से गोरखपुर व लखनऊ के लिए ट्रेन न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एनई रेलवे के नॉन इंटरलॉकिंग कार्य सप्ताह शुरू होते ही 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त व रूट डायवर्जन के चलते गोंडा रेलवे स्टेशन पर नहीं आई, जिसमें जननायक, ग्वालियर मेल, साबरमती, पनवेल, बहराइच स्पेशल, गोरखपुर-बस्ती-गोंडा होकर लखनऊ के बीच चलने वाली इंटरसिटी, गोरखपुर-गोंडा, यशवंतपुर, मथुरा, अमृतसर जनसाधारण, गोमती नगर इंटरसिटी ,आम्रपाली ,अमरनाथ व जम्मू तवी ,श्री माता वैष्णो देवी कटरा, सत्याग्रह ,गोरखधाम ,अवध ,कुशीनगर, चंपारण हमसफर ,आनंद विहार, अमृतसर जनसेवा, व देहरादून एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
इन ट्रेनों के न चलने से यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। सहालग के कारण सबसे ज्यादा परेशानी हुई। तिलकराम, बबलू , राजू सोनी, गंगाधर जयसवाल, सुधा देवी ,संध्या शुक्ला व काजल ने बताया कि रेल प्रशासन को ट्रेनों को कैंसिल करने से पहले सारी स्थितियों को देख लेना चाहिए। कहा कि ट्रेन से यात्रा न करने के कारण लोगों को हलकान होना पड़ रहा है।
टिकट बिक्री पर असर
ट्रेनों के निरस्त होने से गोंडा बुकिंग दफ्तर पर 60 प्रतिशत टिकट बिक्री पर असर पड़ा है। कर्मचारियों के मुताबिक नॉन इंटरलॉकिंग के कार्य के पहले प्रतिदिन 5500 से 6000 यात्रियों से करीब छह लाख रुपये के टिकट बिकते थे। लेकिन, वर्तमान समय में ढाई हजार से लेकर 3000 तक यात्रियों से करीब दो लाख रुपये के टिकट की बिक्री हो रही है।