गोंडा। गोंडा रेलवे स्टेशन से सुभागपुर रेलवे स्टेशन के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है। इस मार्ग के ट्रैक पर ट्रायल भी सफल हो गया है। शीघ्र ही सीआरएस का निरीक्षण होगा, जिसके बाद से इस मार्ग पर विद्युत से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे जनपद के व्यापारियों का सबसे अधिक फायदा होगा।
बता बता दें कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक डॉ. मोनिका अग्निहोत्री का कहना है कि लखनऊ व गोरखपुर रेलवे स्टेशन की तर्ज पर गोंडा रेलवे यार्ड का विकास मॉडल हो। इसी कड़ी में गोंडा रेलवे स्टेशन से सुभागपुर रेलवे स्टेशन के बीच 6 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को करोड़ों रुपए की लागत से विद्युतीकरण कर दिया गया है। साथ में ही इसका ट्रायल ही सफल रहा। इस रूट पर विद्युत लोको ट्रेनें 92 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। संचालन तभी शुरू होगा जब सीआरएस का निरीक्षण हो जाएगा। इनके निरीक्षण के बाद उनके द्वारा हरी झंडी मिलने पर विद्युत ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
विद्युतीकरण ट्रेनों के शुरू होने से जो माल गाड़ियां ट्रेन सुभागपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित माल गोदाम पर आने जाने पर डीजल से आती थी। जिससे समय और खर्चा अधिक लगता था, मगर अब विद्युतीकरण माल गाड़ियों का आने जाने से समय और खर्चा कम लगेगा, जिससे सर्वप्रथम जनपद के व्यापारियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। 955 सर्वप्रथम जनपद के व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ मिलने लगेगा। लखनऊ डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि गोंडा सुभागपुर के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के साथ ही ट्रायल का कार्य भी सफल पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सीआरएस का निरीक्षण का कार्यक्रम होगा।