गोंडा। जाम लगता है। समस्या होती है। ऑफिस, स्कूल कॉलेज जाने में देरी के साथ अस्पताल पहुंचने में दिक्कत। समस्या भी गंभीर है। सवाल बस एक है...जाम लगता है या लगवाया जाता है।
असल में यह सवाल खुद में जवाब भी है। अतिक्रमण पर मौन साधकर। नियमों की अनदेखी कर। कुछ ऐसे सौदागर भी हैं जो चंद रुपयों के लिए आम जन की सड़क को ही बेच देते हैं।
आइए आज से माथापच्ची से इतर आप और हम मिलकर असल पर बात करते हैं। इसके मूल पर वार करते हैं। आपके लिए और इस प्यारे शहर की समृद्धि के लिए हम आज से ‘सड़क के सौदागार’ अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। उम्मीद है आप हमें समस्या बताएंगे और समाधान भी सुझाएंगे। आखिर शहर आपका जो है।
जिले में हाल यह है कि मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल के पास ही एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो रुपये के लिए प्रतिदिन सड़क बेच रहे हैं। अपनी दुकान के सामने का फुटपाथ किराये पर दे दिया है। दुकान, ठेला और वाहन खड़ा किए जाने से दिक्कतें होती हैं। यातायात व्यवस्था में 17 पुलिसकर्मी हैं। इनमें से आठ की ड्यूटी प्रयागराज व अयोध्या सीमा पर लगी है। होमगार्ड के जवान के हवाले ट्रैफिक सिस्टम हो गया है।
एलबीएस चौराहे से लेकर शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। जाम के कारणों को तलाशा गया। पता चला कि ट्रैक्टर ट्रॉली सरिया लादकर जा रही थी। इस बीच रोडवेज की तरफ से तीन बसें भी आ गईं। होमगार्ड के जवान इन बसों व ट्रैक्टर ट्रॉली को पास कराने लगे, तभी एक के बाद एक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। बाइक चालक तो किसी तरह इधर-उधर घूमकर निकलते रहे, लेकिन कार सवार लोगों को ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ीं। करीब 15 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहे। किसी तरह आवागमन बहाल हो सका।
शहर के आंबेडकर चौराहे पर वाहनों का रेला था। इस बीच कचहरी स्टेशन की तरफ से चार ट्रेलर गुजरे। होमगार्ड के जवान दो जवान चौराहे पर किनारे मंदिर के पास बैठे हुए थे। मंडेनाला की तरफ से कचहरी की तरफ से जा रहे वाहन अचानक रुकने लगे। इसके बाद दोनों होमगार्ड के जवान चौराहे की तरफ बढ़े। वाहनों को पास कराना शुरू कर दिया। चारों ट्रेलर चौराहे से धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे और लंबा जाम लगता गया। आंबेडकर चौराहे से मंडेनाला तक वाहनों की कतार लग गई। इस बीच एक एंबुलेंस भी फंसी रही। हालांकि, इसमें कोई मरीज नहीं था।
दुकान के सामने लगवा रहे दुकान, ऐंठ रहे रकम
महिला अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकान करने वाले लोग फुटपाथ किराये पर दे रखा है। ठेले वाले, रेहड़ी व पटरी वाले दुकानदार से रोज 100 से 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। ठेले पर फल लगाए युवक ने बताया कि दुकान मालिक 100 रुपये प्रतिदिन लेता है। अगर रुपये नहीं दिए तो ठेला नहीं लगाने देता है। इसके अलावा खिलौने की दुकान कर रहे एक व्यक्ति ने बताया कि प्रतिदिन 200 रुपये लिए जाते हैं। उधर, खरीदारी करने आने वाले लोग भी अपने वाहन पटरी पर बची कुछ जगह व सड़क पर खड़ा कर देते हैं।
एक सिपाही व तीन-चार होमगार्ड संभाल रहे चौराहा
ट्रैफिक का सिस्टम शहर में गड़बड़ है। जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर एक यातायात पुलिस के कर्मचारी दिखाई देते हैं। अन्य तीन-चार होमगार्ड के जवानों के हाथ में यातायात व्यवस्था की कमान रहती है।
ये हैं जाम के प्वाॅइंट : आंबेडकर चौराहा, एलबीएस चौराहा, गुरुनानक चौक, बड़गांव, सर्कुलर रोड, फातिमा स्कूल, एकता तिराहा, जयनरायन चौराहा, मिश्रौलिया चौकी, झंझरी ब्लॉक, सद्भावना चौकी, मनकापुर बस अड्डा।