गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए पथराव व उपद्रव के बाद लगातार छह दिनों तक बंद रहे बाजार में सातवें दिन थोड़ी रौनक दिखी। प्रशासन की बार-बार अपील पर न मानने वाले व्यापारियों ने मंगलवार को दुकानें खोलनी शुरू कर दी हैं। इससे शहर में चहलकदमी बढ़ी है। वहीं हर तरह के उपाय कर चुके प्रशासन ने मंगलवार की शाम शहर के संभ्रांत लोगों को बुलाया है कि वे शहर में अमन चैन बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान 23 सितंबर को शहर के उतरौला रोड पर अचानक पथराव शुरू हो गया। इससे भगदड़ मच गई, लोग जान बचाकर भागने लगे। इसकी खबर एकता चौक तक पहुंची तो वहां उपद्रवियों ने आधा दर्जन से अधिक दुकानों में आग लगा दी।
पूरा शहर उपद्रव की आग से सुलगता रहा। इसके बाद से रह-रहकर अफवाहें उड़ती रहीं। इससे लोग दहशत में आ गए। व्यापारियों में दहशत इतनी हो गई कि वे दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय व पुलिस अधीक्षक व्यापारियों से दुकानें खोलने के लिए पूरे चौक बाजार में घूमकर लाउडस्पीकर से अपील करते रहे। इसके लिए कई और अधिकारियों को भी लगाया गया, मगर अफवाहों के कारण दहशत में आए व्यापारियों ने दुकानों के शटर नहीं उठाए।
सोमवार सुबह कुछ व्यापारियों ने हिम्मत जुटाई और दुकानों के शटर उठाए भी तो आधे। हालांकि दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकांश दुकानों पर ग्राहक नहीं आए। सोमवार की सुगबुगाहट से मंगलवार को व्यापारियों ने दुकानों खोलीं। एक के बाद एक दुकानें अपने खुलती गईं और शहर अमन की राह पर चल पड़ा।