गोंडा। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को जिले के दवा व्यापारी सड़क पर उतर आए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर दवा विक्रेता कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा। नगर के कुछ बाजारों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जबकि कई स्थानों पर सामान्य रूप से दवा बिक्री होती रही।
दवा विक्रेता कल्याण समिति के अध्यक्ष जय सिंह पांडेय और महामंत्री संजय कुमार गोयल ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था के फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाएं बेची जा रही हैं और घर-घर डिलीवरी की जा रही है। इससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवा बेचने से छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट और स्थानीय दवा व्यापारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री और होम डिलीवरी पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए तथा ऑनलाइन कंपनियों की अत्यधिक छूट नीति पर नियंत्रण लगाया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान रिंकू शुक्ला, संतोष शुक्ला, विनीत, विनय मिश्रा, शिशु पाठक, नईम सिद्दीकी, शमीम, राकेश गोयल, पवन मिश्रा और सूरज उपाध्याय सहित अन्य दवा व्यापारी मौजूद रहे।
दूसरे संगठन ने कहा- दुकानें बंद नहीं हुईं
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने दावा किया कि उनकी संस्था ने प्रदेश और केंद्र सरकार के अनुरोध पर हड़ताल में शामिल न होने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि जिले में सभी मेडिकल स्टोर खुले रहे और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। संरक्षक मनोज कैशवार, महामंत्री सुभाष शर्मा, वसी खान और नवनीत सिंघल समेत अन्य व्यापारियों ने भी इसका समर्थन किया।