छोटे-छोटे टाउन एरिया के लिए बनाई गई आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डेवलॅपमेंट स्कीम) योजना को लागू कर कस्बों को शहर जैसी बिजली दिए जाने का काम जिलों में युद्ध स्तर पर शुरू करने के निर्देश प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने दिए हैं। साथ ही उन अभियंताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी जारी की है, जो अपने इलाकों में एटीएंडसी लॉस को कम नहीं कर पा रहे हैं।
शुक्रवार को करीब तीन घंटे तक चली प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग में उनका पूरा ध्यान दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के साथ ही आईपीडीएस योजना पर केंद्रित रहा।
भारत सरकार से लागू दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों में स्थापित स्टेट व प्राइवेट ट्यूबवेल की लाइन को बिजली घर से अलग किया जाना है। जबकि आईपीडीएस योजना में छोटे-छोटे टाउन एरिया की बिजली सप्लाई को बेहतर करना है, ताकि इन दोनों योजनाओं का काम पूरा हो जाने पर छोटे-छोटे कस्बों को भी शहर जितनी 18 से 22 घंटे की बिजली आपूर्ति की जा सके।
इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा ने देवीपाटन मंडल अंतर्गत आने वाले 24 टाउन एरिया कस्बों की बिजली व्यवस्था शहर जितनी हाईटेक करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बताया कि प्रमुख सचिव ऊर्जा के निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए चारों जिलों के एक्सईएन को पत्र भेजा रहा है। आईपीडीएस योजना के टाउन एरिया की बिजली व्यवस्था दुरुस्त किए जाने का काम भी जोरों पर चल रहा है।