स्वामी नारायण मंदिर छपिया में लगी पयर्टकों की भीड़। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। जिले में पर्यटन और कारोबार के विस्तार से अर्थव्यवस्था को गति मिलने के संकेत हैं। बीते दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या करीब 55 प्रतिशत बढ़ी है। जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारिक प्रतिष्ठानों की संख्या में 7,417 का इजाफा हुआ है। होटल-रेस्टोरेंट और कारखानों की संख्या बढ़ने के साथ ऋण-जमा अनुपात भी 50 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। हालांकि, निर्यात में लगातार गिरावट चिंता का विषय है। सोमवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन आर्थिक गतिविधियों की समीक्षा कर सुधार से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी देंगी।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2023-24 में जिले में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की कुल संख्या करीब 8.95 लाख थी, जो 2025-26 में बढ़कर 13.84 लाख से अधिक हो गई। इससे होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
जिले का ऋण-जमा अनुपात 2023-24 में 37.10 प्रतिशत था, जो 2024-25 में 48.80 और 2025-26 में 50.34 प्रतिशत हो गया। इसके विपरीत निर्यात 1,227.84 लाख रुपये से घटकर 728 लाख रुपये रह गया। वर्ष 2024-25 में यह 983.45 लाख रुपये था। दो वर्षों में निर्यात मूल्य में करीब 41 प्रतिशत की गिरावट आई है।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एनके सिंह ने बताया कि पर्यटन, कारोबार और औद्योगिक इकाइयों के बढ़ते आंकड़े अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जीएसटी संग्रह 150.68 करोड़ रुपये पहुंचा
जीएसटी पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या 2023-24 के 17,565 से बढ़कर 2025-26 में 24,982 हो गई। इसी अवधि में जीएसटी संग्रह 131.27 करोड़ रुपये से बढ़कर 150.68 करोड़ रुपये पहुंच गया। होटल-रेस्टोरेंट की संख्या 140 से बढ़कर 233 और पंजीकृत कारखानों की संख्या 70 से बढ़कर 117 हो गई है।