मसकनवा/बभनान (गोंडा)। छपिया के महुलीखोरी गांव में दिलदहला देने वाली वारदात के बाद मंगलवार को अमनदीप की बारात बस्ती के रामनगर गई। वहां अमनदीप ने अग्नि के सामने अपनी दुल्हन के संग सात फेरे लिए। रिश्तेदार महिला की गोली लगने से मौत के कारण गमगीन माहौल में दोनों परिवार ने दुल्हन की विदाई न करने का फैसला लिया।
वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी सीताराम यादव उर्फ गब्बर समेत चार आरोपियों की को अदालत में पेश किया। वहां से चारों को जेल भेज दिया गया। बाकी पांच आरोपियों की तलाश में एसओजी समेत चार टीमें लगी हैं। गांव में दूसरे दिन बुधवार को भी पुलिस तैनात रही।
बता दें कि गांव निवासी बाबूराम जायसवाल के बेटे अमनदीप उर्फ विक्की की मंगलवार को शादी थी। उसकी बरात बस्ती जिले के रामनगर जानी थी। परिवार के लोग बारात की तैयारी में जुटे थे। तभी टिनशेड लगाने को लेकर पड़ोसी फौजी गब्बर यादव से कहासुनी हो गई थी। इसमें फौजी और उसके परिवार के लोगों ने पथराव करते हुए फायरिंग की थी।
फायरिंग के दौरान बाबूराम की समधन झिनपता उर्फ कलाईदेवी (58), छोटे भाई रामदेव जायसवाल (50), बेटे दीपक जायसवाल (29), बेटी पिंकी जायसवाल (17) भतीजा सत्यम जायसवाल (18) पुत्र रामदेव व पड़ोस के रामतीरथ यादव की बेटी लक्ष्य यादव (13) गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके बेटे अमनदीप को गोली छूते हुए निकल गई थी।
झिनपता की मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। रामदेव व दीपक को नाजुक हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। जबकि पिंकी, सत्यम व लक्ष्य का मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। अमनदीप ने बताया कि घायलों की हालत में सुधार हुआ है। मंगलवार को अमनदीप की बरात बस्ती के रामनगर पहुंची, वहां दूल्हे ने दुल्हन के संग अग्नि के सामने सात फेरे लिए। दोनों परिवार के लोगाें ने मश्विरा के बाद दुल्हन की विदाई न कराने का निर्णय लिया। इसके बाद बिना दुल्हन के ही बरात लौट आई।
थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि आरोपी गब्बर यादव, राजकुमार यादव उर्फ किन्नी, अर्जुन यादव व मायाराम को बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया, वहां से 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जबकि एसओजी समेत चार टीमें अन्य आरोपियों की तलाश कर रही हैं।