गोंडा। महाशिवरात्रि आज है। शिव मंदिरों में भोर से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मंगलवार को मंदिरों में सजावट के साथ ही साफ-सफाई, बैरिकेडिंग आदि व्यवस्थाएं की गईं।
शहर के दुखहरणनाथ मंदिर, खरगूपुर के ऐतिहासिक पृथ्वीनाथ मंदिर, करनैलगंज के बरखंडीनाथ मंदिर, मनकापुर के करोहानाथ मंदिर, वजीरगंज के बालेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में बुधवार भोर से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु उमड़ेंगे। शहर में गाजे-बाजे के साथ शिव बरात निकाली जाएगी। दुखहरणनाथ व पृथ्वीनाथ आदि मंदिरों को बिजली की रंगगिरंगी झालरों से सजाया गया है।
पौराणिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर पंचामृत, बेलपत्र, भांग, धतूरा से पूजा करना विशेष फलदायी है। इससे भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं।
बरखंडीनाथ मंदिर के महंत सुनील पुरी ने कहा, शिव की आराधना इच्छाशक्ति को मजबूत करती है। शिवभक्तों का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है। इस त्योहार का भक्तगण पूरे साल इंतजार करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
जयप्रभाग्राम में लगेगा मेला
इटियाथोक। दीनदयाल शोध संस्थान जयप्रभाग्राम के चारों धाम परिसर स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक होगा। सचिव रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि यहां मेले का भी आयोजन होगा। सदाशिव नाथ मंदिर, चित्तेश्वरनाथ मंदिर, गोकरन नाथ शिवाला पर भी महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। महर्षि उद्दालक मुनि की तपोस्थली तिर्रेमनोरमा के रामजानकी शिव मंदिर में श्रद्धालु मनवर नदी के जल से अभिषेक करेंगे।
ऊं नम: शिवाय का जाप शुरू, भंडारा आज
मेडिकल काॅलेज परिसर स्थित शिव मंदिर में मंगलवार सुबह ऊं नम: शिवाय का जाप शुरू हो गया। यहां अस्पताल के कर्मचारियों ने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। लगातार 24 घंटे शिव का नाम जपने के बाद बुधवार को हवन-पूजन के बाद भंडारा शुरू होगा। कई अन्य स्थानों पर भी भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।