गोंडा। परिषदीय विद्यालय में टीचिंग लर्निंग मैटीरियल (टीएलएम) का इस्तेमाल कर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा।
इसके लिए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के लिए बजट जारी किया गया। जिले के परिषदीय विद्यालयों की प्रबंध समिति के माध्यम से भेजी गई धनराशि का इस्तेमाल संकुल शिक्षक कर सकेंगे। इसके माध्यम से वह विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विषयों को सिखाने के लिए जरूरी सामग्री की खरीद कर सकेंगे।
परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के लिए 167 संकुल क्षेत्र का गठन किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में पांच-पांच संकुल सदस्य कार्यरत हैं।
इन शिक्षकों को विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की अहम जिम्मेदारी दी गई। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) हरिगोविंद यादव ने बताया कि बेहतर पठन-पाठन के लिए हर महीने तीसरे मंगलवार को संकुल शिक्षक बैठक कर लेसन प्लान कर सकेंगे।
प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक 3.13 लाख और उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 99 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
विद्यालय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए 20 रुपये प्रति छात्र प्राथमिक व 15 रुपये प्रति छात्र उच्च प्राथमिक व परिषदीय विद्यालयों को रकम भेजी गई।
इस रकम को विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे विद्यालयों में ग्लोब, चार्ट और लूडो समेत बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए जरूरी सामग्री की खरीद की जाएगी।