नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते डाॅ. रमा मौर्या। नारी ज्ञानस्थली महाव
गोंडा। संतुलित आहार का मतलब महंगे खाद्य पदार्थ खाना नहीं है। घर की रसोई और आसपास आसानी से उपलब्ध अनाज, दाल, हरी सब्जियां, मौसमी फल, दूध, दही, चना और तिल जैसे खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में भोजन में शामिल कर शरीर को जरूरी पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। यह बात मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमा मौर्या ने शनिवार को सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज में कही।
गृह विज्ञान विभाग की ओर से पोषण पखवाड़े के तहत ‘पोषण एवं संतुलित आहार’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। डॉ. रमा मौर्या ने छात्राओं को आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और अन्य खनिज तत्वों की शरीर में भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयरन की कमी से एनीमिया, कमजोरी और थकान हो सकती है, जबकि कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में प्राचार्या डॉ. आरती श्रीवास्तव, कॉलेज एडमिन डॉ. आनंदिता रजत, विभागाध्यक्ष रंजना बंधु, सुनीता मिश्रा, सुषमा सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।