बलरामपुर। श्रावस्ती संसदीय क्षेत्र नेपाल के सीमावर्ती होने के कारण कड़ी निगरानी में रहेगा। 1723 बूथों के प्रबंधन के साथ ही सियासी गतिविधियों पर निगरानी की प्रशासन ने तैयारी पूरी की ली है।
निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक प्रचार के तरीकों के साथ ही भाषणों पर निगरानी के लिए 36 उड़ाका दस्ताें को मुस्तैद किया गया है। वहीं भाषण व भीड़ की निगरानी के लिए अभी आठ वीडियो टीमें लगाई गई हैं। साथ ही दस जोनल मजिस्ट्रेट व 115 सेक्टर मजिस्ट्रेट भी निगरानी में लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी कराई जा रही है। इसके अलावा उनकी विशेष टीम भी नजर रखेगी।
कंट्रोल रूम से जानकारी कराई जा रही है। बताया कि श्रावस्ती संसदीय सीट के चुनाव के साथ ही गैसड़ी विधानसभा सीट पर उप चुनाव भी है। इसके लिए वहां अलग से निगरानी कराई जाएगी। ये दोनों चुनाव छठे चरण में हैं, वहीं गोंडा संसदीय सीट का चुनाव पांचवें चरण में हैं, जिसमें उतरौला विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होगा। वहां के लिए भी निगरानी टीमों को सक्रिय किया गया है।
नेपाल सीमा से सटे 42 गांवों पर रहेगी विशेष नजर
नेपाल सीमा से सटे 42 गांवों में निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पहले से ही गांवों का सर्वे कराकर सुरक्षा प्रबंध की व्यवस्था बना रखी है। इन गांवों में स्थानीय पुलिस के साथ ही एसएसबी की सक्रियता बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है। इससे सीमा पार से किसी तरह की अवैध गतिविधियां न हो सकें। चुनाव के दौरान सीमा की निगरानी और सख्त रहेगी। आने -जाने वालों के आधार कार्ड से डाटा बेस तैयार होगा। वन क्षेत्रों में खुली सीमाओं पर पिकेट ड्यूटी बढ़ा दी गई है। सात बैरियर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनाए जा रहे हैं। इससे हर तरह से निगरानी हो सके। त्रिनेत्र अभियान से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की एक बार फिर पड़ताल होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों व वन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसपी ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।