सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा मित्रों के मामले की सुनवाई करते हुए उनके समायोजन अवैध बताने वाले हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगा दी। इससे जिले में 3269 शिक्षा मित्रों में उम्मीद की किरण जगी है। शिक्षा मित्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और बधाइयां दीं।
जिले में 3269 शिक्षा मित्र कार्यरत थे जिनमें प्रथम चरण में 1108, द्वितीय चरण में 949 शिक्षा मित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक पर तैनाती दे दी गई थी।
शेष बचे 980 शिक्षा मित्रों का समायोजन होना था, लेकिन पद न होने के चलते यह प्रक्रिया लटक गई। इस दौरान हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई जिस पर सोमवार को न्यायाधीश दीपक मिश्र व केसी पंत ने फैसले पर रोक लगा दी।।
यह फैसला जैसे ही शिक्षा मित्रों ने सुना, खुशी से झूम उठे। एक दूसरे को बधाइयां दीं और मिठाई खिलाई। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के महामंत्री शिवमूर्ति पांडेय ने कहा कि न्यायालय की रोक शिक्षा मित्रों के लिए जीवनदान है।
जिला मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्र ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी, शिक्षा मित्रों के भविष्य से इस तरह खिलवाड़ नहीं हो सकता।
इसके अलावा जिला मंत्री अभिमन्यु प्रसाद मिश्र, पड़रीकृपाल ब्लॉक अध्यक्ष केंसरीनंदन द्विवेदी, परसपुर ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सिंह आदि शिक्षा मित्रों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जताई।