गोंडा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बुधवार को अवैध वसूली व लापरवाही के आरोप में तीन निविदा कर्मियों को सेवामुक्त कर दिया। बकाया बिल समाप्त करने के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली करने वाले एक निजी लाइनमैन के खिलाफ कटरा थाने में तहरीर दी गई है।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि अधीक्षण अभियंता की ओर से कराई जांच में पता चला था कि बलरामपुर जिले हर्रैया सतघरवा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात निविदा कर्मी रामरंग उर्फ मिश्रीलाल और विद्युत उपकेंद्र अचलपुर चौधरी विद्युत उपकेंद्र पर तैनात उमंग श्रीवास्तव ने बिजली बिल राहत योजना में एक भी पंजीकरण नहीं कराया। इतना ही नहीं, अवैध कनेक्शन संचालन में भी उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। वहीं बहराइच के विशेश्वरगंज में तैनात निविदाकर्मी रंजीत कुमार यादव पर फर्जी रसीद देकर धन उगाही करने का आरोप है। मुख्य अभियंता ने बताया कि जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद तीनों को सेवामुक्त कर दिया गया।
संदेह के दायरे में दो और निविदाकर्मी
गोंडा के करनैलगंज ग्रामीण क्षेत्र के कोडरी में सौभाग्य योजना में मीटर लगवाने व बकाया बिल को समाप्त करने के नाम पर उपभोक्ताओं से प्रति व्यक्ति 5200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। अधिशासी अभियंता स्तर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में निजी लाइनमैन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस प्रकरण में दो निविदाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।