शहर स्थित एक स्कूल के तीन शिक्षकों ने नवीं की एक छात्रा से छेड़छाड़ की, जिससे आहत छात्रा ने शुक्रवार को अपने घर में आत्मदाह कर लिया था। इससे पहले छात्रा ने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें एक स्कूल के तीन शिक्षकों को खुद की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। रविवार देर शाम छात्रा के पिता ने नगर कोतवाली में स्कूल व उसके तीन शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर निवासी ठेकेदार की 13 वर्षीया बेटी एक स्कूल में नवीं की छात्रा थी। छात्रा के पिता ने नगर कोतवाली में दर्ज करायी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि स्कूल के तीन शिक्षक दीपक, आफताब अहमद व रश्मी कपूर छात्रा को प्रताड़ित करते थे। दीपक व आफताब उससे छेड़छाड़ करते थे।
इससे तंग छात्रा की नौ अक्टूबर को स्कूल में अचानक तबियत बिगड़ गई। स्कूल से उनके पास बेसिक फोन से एक काल आई, जिस पर मौजूद विद्यालय कर्मी ने बताया कि उनकी बेटी की तबियत खराब है। इसकी जानकारी मिलते ही वह विद्यालय पहुंचे और बेटी को घर ले आए।
छात्रा के पिता के मुताबिक उनकी पत्नी एक स्कूल में पढ़ाने गई थी। वह पत्नी को लाने स्कूल चले गए। इसी बीच उनकी बेटी ने एक सुसाइड नोट लिखकर खुद को आग लगा ली। उसकी चीख सुनकर पड़ोस की एक किशोरी उनके घर पहुंची और आग बुझाकर उसे बचाने का प्रयास किया।
इसके बाद छात्रा को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया, वहां उसकी मौत हो गई। छात्रा ने सुसाइड नोट में स्कूल के शिक्षक दीपक, रश्मि कपूर व आफताब अहमद की वजह से सुसाइड करने की बात लिखी है।
इस मामले ने छात्रा के पिता ने कोतवाली नगर में स्कूल व तीन शिक्षकों के खिलाफ बेटी की आत्महत्या करने व छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज करायी है। सीओ अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि छात्रा के पिता की तहरीर पर स्कूल व तीन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।