डेंगू से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू से दो बच्चों समेत तीन ने दम तोड़ दिया। इनमें गोंडा के दो बच्चे और बलरामपुर का एक किशोर है। एक अन्य की हालत गंभीर है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। डेंगू से लगातार हो रही मौतों से लोग सहमे हुए हैं।
कौड़िया थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में रहने वाले पप्पू सिंह के नौ वर्षीय बेटे छोटू की मंगलवार रात मौत हो गई। वह डेंगू की चपेट में था। उसका इलाज लखनऊ के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था।
धर्मपुर गांव के पप्पू सिंह ने बताया कि चार दिन पहले उसके बेटे को बुखार हो गया था, जिसका इलाज उन्होंने करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया। डेंगू की आशंका बताते हुए लखनऊ रेफर कर दिया था।
वहां एक निजी नर्सिंग होम मे भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात छोटू की मौत हो गई। इसी गांव की निवासिनी कोमल पुत्री ओमप्रकाश को डेंगू होने की पुष्टि के बाद शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
नगर के मेवतियान मोहल्ले में रहने वाले नन्हें खां के 11 वर्षीय बेटे मोहम्मद अलफैज की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। अलफैज का इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
वहीं, बलरामपुर में डेेंगू की बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम झौव्वा निवासी अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि उनके 13 वर्षीय बेटे ओंकार पांडेय को बीते दिनों बुखार हुआ था।
बेटे को गंभीर हालत में जिला मुख्यालय स्थित एक डॉक्टर के पास ले आए। ओंकार को इलाज के लिए गोंडा शहर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। परीक्षण के दौरान डॉक्टर ने ओंकार को डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि की।