करनैलगंज में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को जांच के दौरान इसके तीन नए मरीज सामने आने के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया है। जबकि वायरल सहित अन्य बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोत्तरी जारी है। वहीं, बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की कवायदें ऊंट के मुंह में जीरा साबित होती नजर आ रही हैं।
सोमवार को जांच के दौरान कन्हैयालाल इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डीपी मौर्य, मोहल्ला गाड़ी बाजार निवासी आरएस मिश्रा और मौर्यनगर चौराहा निवासी रेखा शुक्ला को डेंगू से पीड़ित पाया गया। इन्हें इलाज के लिए परिवारीजन लखनऊ ले गए।
इनके अलावा बस स्टाप पर इलेक्ट्रिक का काम करने वाले राजू मिस्त्री को पहले से डेंगू हैं। वहीं, बुखार से पीड़ित करनैलगंज के तमाम लोग लखनऊ में ही रहकर इसका इलाज करवा रहे हैं।
गांधीनगर मोहल्ले में एक ही परिवार के ओम प्रकाश गुप्ता, सोनू गुप्ता, गोलू गुप्ता, अनीता व पलक बुखार से पीड़ित हैं। इसी मोहल्ले में रहने वाले गोविंदा, छोटू, राज कुमार, पूनम एवं वंदना सहित अन्य कई लोग बुखार की चपेट में हैं। इनका इलाज नगर के कई निजी चिकित्सकों के यहां चल रहा है।
दूसरी ओर बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास करनैलगंज में ऊंट के मुंह में जीरा साबित होते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि सीएचसी करनैलगंज के अधीक्षक डॉ. पीएन राय का कहना है कि डेंगू के किसी नए मरीज की कोई सूचना उनके पास नहीं है और न ही कोई डेंगू पीड़ित मरीज उनके पास आया है। बुखार से पीड़ित मरीज जो सीएचसी पर आते हैं, उनकी यहां जांच कराई जाती है।